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भीमा कोरेगांव केस: 6 नवंबर तक पुलिस कस्टडी में रहेंगे अरुण फरेरा और वर्नान गोनसालविस

उज्जवला पवार ने पुणे कोर्ट में कहा कि हमारी मांग है कि दोनों आरोपियों को 14 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेजा जाए

Updated On: Oct 27, 2018 01:02 PM IST

FP Staff

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भीमा कोरेगांव केस: 6 नवंबर तक पुलिस कस्टडी में रहेंगे अरुण फरेरा और वर्नान गोनसालविस
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28 अगस्त से हाऊस अरेस्ट में रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अरुण फरेरा और वर्नान गोनसालविस को भीमा कोरेगांव मामले में पुणे पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है. इस पर पब्लिक प्रॉसीक्यूटर उज्जवला पवार ने पुणे कोर्ट में कहा कि हमारी मांग है कि दोनों आरोपियों को 14 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेजा जाए.

जिसके बाद पुणे कोर्ट ने एक्टिविस्ट अरुण फरेरा और वर्नान गोनसालविस को 6 नवंबर तक के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया.

वहीं डिफेंस के वकील सिद्धार्थ पाटिल ने पुणे कोर्ट में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक हाउस अरेस्ट 26 अक्टूबर को खत्म होने की संभावना थी और एससी द्वारा दी गई टाइम लिमिट रात 12 बजे खत्म हो गई. इसलिए पुलिस द्वारा माननीय अदालत की अवमानना की गई.

इस मामले में एक्टिविस्ट और वकील सुधा भारद्वाज को पुणे पुलिस ने उनके घर से हिरासत में ले लिया है. पुणे कोर्ट ने कल उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था.

गौरतलब है कि पुणे सेशन कोर्ट ने शुक्रवार को तीन कार्यकर्ताओं- अरुण फरेरा , सुधा भारद्वाज और वर्नान गोनसालविस की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. इसके साथ ही बॉम्बे हाईकोर्ट ने अरुण और वेर्नान के हाऊस अरेस्ट की अवधि को भी बढ़ाने से इनकार कर दिया था. इसके बाद वर्नान को मुंबई से और अरुण को महाराष्ट्र के ठाणे से गिरफ्तार कर लिया गया.

हाऊस अरेस्ट की मियाद बढ़ाने की मांग खारिज

बचाव पक्ष ने पुणे सेशन कोर्ट के सामने फरेरा और गोनसालविस की खत्म हो रही हाऊस अरेस्ट की अवधि को सात दिन के लिए बढ़ाने की गुजारिश की थी. गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम कोर्ट के स्पेशल जज केडी वढाने ने विश्रामबाग पुलिस स्टेशन द्वारा दायर मामले में सुधा भारद्वाज, वर्नान गोनसालविस और अरुण टी फरेरा के जमानत के आवेदन को एक आम आदेश जरिए खारिज कर दिया.

तीनों ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अपने घरों में नजरबंद थे. इसके साथ ही बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भीमा कोरेगांव मामले में एफआईआर को अस्वीकार करने की गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबडे की याचिका को भी 1 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दिया था.

गौतम नवलखा को 1 नवंबर तक अंतरिम संरक्षण प्रदान किया जाएगा. इससे पहले गुरुवार को हैदराबाद हाईकोर्ट ने वरवरा राव के हाऊस अरेस्ट की अवधि को तीन सप्ताह तक के लिए बढ़ा दिया है.

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