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भय्यूजी महाराज ने अचानक गुस्से में नहीं, सोच-समझकर मारी थी गोली

घटनास्थल की जांच में फोरेंसिक टीम 7 बिंदुओं को जोड़कर इस निष्कर्ष पर पहुंची है

Updated On: Jun 20, 2018 02:11 PM IST

FP Staff

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भय्यूजी महाराज ने अचानक गुस्से में नहीं, सोच-समझकर मारी थी गोली

भय्यूजी महाराज की आत्महत्या के आठवें दिन मंगलवार को फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने पुलिस को रिपोर्ट सौंपी है. इसके मुताबिक भय्यूजी महाराज ने गुस्से में आकर आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उन्होंने 15 से 20 मिनट विचार करने बाद खुद को गोली मारी थी.

एक्सपर्ट के मुताबिक, आत्महत्या के एक लाख मामलों में से एक मामला इस तरह का होता है. डीआईजी हरि नारायणाचारी मिश्र के अनुसार, फोरेंसिक रिपोर्ट फिलहाल नहीं मिली है, लेकिन जांच में जुटे अफसरों ने जो बिंदु बताए हैं, उससे स्पष्ट है कि ये ठंडे दिमाग से की गई आत्महत्या ही है. क्षणिक आवेश की नहीं.

घटनास्थल की जांच में फोरेंसिक टीम 7 बिंदुओं को जोड़कर इस निष्कर्ष पर पहुंची है. उधर, पुलिस ने मामले में अभी भी किसी को क्लीनचिट नहीं दी है. भय्यूजी महाराज ने 12 जून को इंदौर स्थित अपने घर में खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी.

जांच में सामने आए बिंदु

-आत्महत्या वाले दिन (12 जून को) भय्यू महाराज ने पत्नी आयुषी को अपने हाथों से पसंद की साड़ी दी, फिर कहा तैयार होकर डिग्री लेने जाओ. सुबह उठने के बाद आयुषी के साथ चाय भी पी.

-रिवॉल्वर छिपाकर ले गए और कमरे के आसपास रहने वाले नौकरों को सीढ़ियों पर भी बैठने नहीं दिया था ताकि वे गोली चलने की आवाज न सुन सकें.

-आत्महत्या और सुसाइड नोट अलग-अलग कमरे में. सुसाइड नोट को डायरी में लिखना और डायरी को तीन डायरियों के बीच में व्यवस्थित रखना. ऐसा वे ही लोग कर सकते हैं जो जान देने से पहले पूरी तरह तनावमुक्त रहते हैं.

-आत्महत्या के लिए व्यक्ति तत्काल फांसी लगा लेता है या खुद को शूट कर लेता है. उसका मोबाइल भी इधर-उधर पड़ा हो सकता है या सुसाइड नोट जेब में मिलता है, पर महाराज ने ऐसा कुछ नहीं किया.

-आत्महत्या करने वाला शख्स सुसाइड नोट में हमेशा अपने खून के रिश्ते या बेहद करीबी लोगों का ही जिक्र करता है, लेकिन महाराज ने न तो बेटी कुहू का जिक्र किया न पत्नी आयुषी का. न ही उन्होंने अपनी मां के बारे में कुछ लिखा. इससे यह भी स्पष्ट होता है कि वे पत्नी-बेटी दोनों से नाराज थे, लेकिन मौत के बाद पत्नी व बेटी को पुलिस जांच की उलझन से बचाना भी चाहते थे. -कुहू से उनका बेहद लगाव था, इसलिए मरने से पहले उसका कमरा भी उन्होंने साफ करवाया. नई बेड शीट बिछवाई. बेड शीट खून से गंदी न हो, इसलिए कमरे के एक कोने में बीन बैग पर बैठकर खुद को शूट किया.

ऐसा भी पहली बार देखा गया कि सुसाइड नोट में दो अलग-अलग वाक्यों में अपनी बात लिखी और हर वाक्य के नीचे सिग्नेचर किए, यानी डायरी के एक ही पेज पर दो बार सिग्नेचर किए.

(न्यूज 18 के लिए  मनोज शर्मा की रिपोर्ट)

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