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संघ से जुड़े संगठन ने बीजेपी सरकार पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ यानी आरएसएस से जुडे़ संगठन भारतीय मजदूर संघ ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है

Amitesh Amitesh Updated On: Feb 13, 2018 08:19 AM IST

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संघ से जुड़े संगठन ने बीजेपी सरकार पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ यानी आरएसएस से जुडे़ संगठन भारतीय मजदूर संघ ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है. मजदूर संघ का आरोप है कि केंद्र की सरकार देश के भीतर हवाई अड्डों के निजीकरण में लैंड माफिया को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रही है. मजदूर संघ ने इसे भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला बताया है.

भारतीय मजदूर संघ के जोनल सेक्रेटरी पवन कुमार ने आरोप लगाया कि पहले केंद्रीय बजट में इस बात का ऐलान किया गया था कि 125 हवाई अड्डों को फंक्शनल करेंगे या उसे बढ़ाएंगे. इसके लिए सरकार ने जमीन का अधिग्रहण भी किया है. लेकिन, अब इनके निजीकरण की बात कही जा रही है. पवन कुमार का आरोप है कि निजीकरण करने से साफ है कि इसमें भ्रष्टाचार हुआ है और सवाल खड़ा हो रहा है कहीं यह लैंड माफिया का मामला तो नहीं है.

भारतीय मजदूर संघ आरएसएस का ही आनुषंगिक संगठन है. लेकिन, इस बार के बजट को लेकर मजदूर संघ काफी खफा है. लेकिन, केंद्र की बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर मजदूर संघ ने अब सरकार पर सीधा हमला बोला है.

मौजूदा बजट में गरीबों और मजदूरों की उपेक्षा के विरोध में भारतीय मजदूर संघ ने पूरे देश में 20 फरवरी को प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. मजदूर संघ का आरोप है कि एनडीए सरकार का बजट कर्मचारी वर्ग के लिए निराशा वाला बजट है. मजदूर संघ के पवन कुमार ने आरोप लगाया है कि आंगनबाड़ी, आशा और मिड डे मील में काम करने वाले लोगों के लिए मानदेय में लंबे वक्त से कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है. उनकी उपेक्षा की गई है. जबकि सभी सांसदों के लिए कमिटी बना दी गई है जिससे हर पांच साल पर अपने-आप भत्ता बढ़ जाएगा.

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भारतीय मजदूर संघ ने गरीब तबके के लिए बजट में किए गए 5 लाख रुपए तक के बीमा के प्रावधान को भी एक जुमला बताया है. आरोप है कि इससे केवल प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनी को ही बूस्ट करने का मौका मिलेगा.

सरकार अपनी तरफ से इस बजट को गांव,गरीब, मजदूर और किसानों की भलाई वाले बजट के तौर पर पेश करने की तैयारी में है. लेकिन, दूसरी तरफ, संघ से जुड़ा मजदूर संगठन ही इस बजट की हवा निकालने की कोशिश में लग  गया है.

20 फरवरी को काला दिवस मनाकर विरोध जताने की तैयारी है. लेकिन, सरकार अगर इनकी मांगे नहीं मानती है तो आगे आनेवाले दिनों में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी जा रही है.

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