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सर्जिकल स्ट्राइक पर जाने से पहले पीएम मोदी ने जवानों से क्या कहा था?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 दिसंबर 2016 की रात सर्जिकल स्ट्राइक पर जा रहे जवानों को यह मैसेज भेज कर विदा किया था

Updated On: Jan 01, 2019 06:20 PM IST

FP Staff

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सर्जिकल स्ट्राइक पर जाने से पहले पीएम मोदी ने जवानों से क्या कहा था?

'मिशन सफल हो या असफल, आप सूर्योदय से पहले वापस लौट आना.' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 दिसंबर 2016 की रात सर्जिकल स्ट्राइक पर जा रहे जवानों को यह मैसेज भेज कर विदा किया था. इसके बाद भारतीय सेना के स्पेशल फोर्सेस के जवान एलओसी पार कर पाकिस्तान की सीमा में घुस गए. और पीओके में आतंकियों को उनके अड्डों समेत नेस्तनाबूद कर के अगली सुबह के पहल वापस लौट आए.

प्रधानमंत्री मोदी ने यह खुलासा न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में किया. उन्होंने बताया कि वह सैनिकों कि सुरक्षा के बारे में बहुत चिंतित थे. और इसी लिए सर्जिकल स्ट्राइक की तारीख को दो बार बदला भी गया. उरी में सेना के कैंप पर हुए हमले के जवाब में भारतीय सेना ने यह ऑपरेशन किया था. उरी हमले में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे.

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पीएम मोदी ने कहा कि उरी हमले में भारतीय सैनिकों की शहादत के कारण उनमें और भारतीय सेना में बहुत गुस्सा था. इसी का नतीजा सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में सामने आया.

इसी के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वह सर्जिकल स्ट्राइक से ज्यादा इसे अंजाम देने गए सैनिकों की सुरक्षा के लिए ज्यादा चिंतित थे. उन्होंने कहा, मैनें उन्हें साफ संदेश दिया था कि आप सफल हो या विफल, इस बारे में न सोचें और सूर्योदय के पहले लौट आएं.'

मुझे पल-पल की थी अपडेट

उन्होंने खुलासा किया कि स्पेशल फोर्स के जवानों की सुरक्षा के कारण उन्हें साफ निर्देश दिया गया था कि अगर वह विफल भी हो जाएं तो भी सूर्योदय के पहले वापस लौट आएं. प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि वह पूरी रात इस खतरनाक मिशन पर नजर बनाए हुए थे. और उन्हें इस ऑपरेशन की पल-पल की जानकारी मिल रही थी.

एएनआई को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिन कमांडो ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया वह एक विशेष प्रक्रिया के तहत चुने गए थे. फिर उन्हें स्पेशल ट्रेनिंग दी गई. पीएम मोदी ने बताया कि इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए उन्हें जिस भी चीज की आवश्यक्ता थी उन्हें उपलब्ध कराई गई.

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