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बटला हाउस एनकाउंटर से बचकर भागा आतंकी नेपाल में गिरफ्तार

बम बनाने में उस्ताद जुनैद को खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली पुलिस को सौंप दिया है

FP Staff Updated On: Feb 15, 2018 11:18 AM IST

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बटला हाउस एनकाउंटर से बचकर भागा आतंकी नेपाल में गिरफ्तार

भारतीय खुफिया एजेंसियों ने इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी मोहम्मद आरिज खान उर्फ जुनैद को गिरफ्तार कर लिया है. नेपाल में अपने एक आतंकी गुर्गे सुभान कुरैशी उर्फ तकीर के सात गिरफ्तार जुनैद ही 2008 के दिल्ली, जयपुर और अहमदाबाद सीरियल धमाकों का मास्टरमाइंड है. इस धमाके में 165 लोगों की मौत हो गई थी और 535 लोगों से ज्यादा जख्मी हो गए थे.

जुनैद 2008 में दिल्ली के बटला हाउस एनकाउंटर में बच निकलने में कामयाब हो गया था. उस एनकाउंटर में इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए थे.

बम बनाने में उस्ताद जुनैद को खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली पुलिस को सौंप दिया है. इस आतंकी के ऊपर 15 लाख का इनाम था और इंटरपोल ने भी रेड-कॉर्नर नोटिस जारी किया था.

कई धमाकों में शामिल रहा है जुनैद

स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाह ने बताया कि जुनैद देश के कई शहरों में हुए धमाकों में शामिल रहा है. सूत्रों के हवाले से यह खबर भी है कि जुनैद ने इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा पर गोली चलाने की बात मान ली है, हालांकि उसे नहीं पता कि इंस्पेक्टर की मौत जुनैद की गोली से हुई या किसी और की.

जुनैद इंडियन मजदाहिद्दीन के आजमगढ़ मॉड्यूल का एक्सपर्ट बम मेकर है. कई साल तक आतंकी कारस्तानियों से दूर रहने के बाद जुनैद और तौकीर वापसी की तैयारी कर रहे थे. जुनैद ने एक नेपाली लड़की से शादी भी की है.

नेपाल में रहते हुए जुनैद कुख्यात भटकल बंधुओं में से एक रियाज भटकल के संपर्क में भी था. भटकल ने उसे सऊदी अरब के दम्मम बुलाया था, ताकि दोनों मिलकर भारत में आईएम को जिंदा करने के लिए फंड जुटा सकें. वह सितंबर 2014 में सऊदी अरब गया और वहां मजदूर के रूप में रहने लगा.

सूत्रों के मुताबिक वहां सिमी और आईएम के कई समर्थकों से मिला. मार्च 2017 में वापसी के बाद वह भारत आने लगा. उसका मकसद भारत में आईएम को फिर से खड़ा करना था. लेकिन इससे पहले कि वह अपने मंसूबों में कामयाब हो पाता पुलिस ने उसे दबोच लिया.

बटला हाउस कांड की आखिरी कड़ी मिली

19 अगस्त 2008 में बटला हाउस एनकाउंटर में इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन वे आतिफ अमीन और महोम्मद साजिद को मार गिराने में कामयाब रहे.

घटना के वक्त घर में तीन और लोग थे. इनमें से एक ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. वहीं दो लोग भाग निकले. घर में मौजूद दो लोगों की मौत के बाद मोहम्मद सैफ ने खुद को बाथरूम में बंध कर लिया और बाद में सरेंडर कर दिया. दो अन्य- शहजाद अहमद और आरिज खान उर्फ जुनैद वहां से भाग गए. शहजाद साल 2010 में आजमगढ़ से गिरफ्तार किया गया. उसे बाद में दिल्ली की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई. जुनैद को बुधवार को नेपाल से गिरफ्तार किया गया और इसी के साथ ही बाटला हाउस एनकाउंटर की आखिरी कड़ी भी पुलिस के हाथ लग गई.

रेस्टोरेंट भी चला चुका है जुनैद

बटला हाउस से फरार होने के बाद एक महीने तक जुनैद और शहजाद देश के अलग-अलग हिस्सों में घूमते रहे. ज्यादातर रातें उन्होंने ट्रेनों और बसों में बिताईं. दिल्ली पुलिस का दावा है कि वे दिल्ली, यूपी, राजस्थान और महाराष्ट्र में अपने रिश्तेदारों के घर मदद के लिए गए लेकिन पुलिस के डर से कोई भी लंबे समय तक उन्हें साथ रखने के लिए तैयार नहीं हुआ.

junaid batla house mastermind

एक महीने बाद दोनों ने अपने रास्ते बदल लिए. जुनैद बिहार चला गया और वहां से बॉर्डर पार कर नेपाल के बिराट नगर चला गया. निजाम खान की मदद से उसे मोहम्मद सलीम नाम से नेपाल की नागरिकता और पासपोर्ट मिल गया.

वह नेपाल के पाल्पा, कपिलावस्तु और गोरखा इलाकों में रहा. वहां रहते हुए शुरुआत में वह एक रेस्टॉरेंट चलाने लगा, लेकिन बाद में अलग-अलग स्कूल में पढ़ाने लगा. इस दौरान वह सिमी के तौकीर से संपर्क में बना रहा. तौकीर पिछले महीने गिरफ्तार हुआ है. तौकीर और जुनैद एक ही स्कूल में पढ़ाते थे, तौकीर की गिरफ्तारी के बाद ही पुलिस को जुनैद तक पहुंचने का रास्ता मिला.

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