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कासगंज हिंसा: बरेली के डीएम बोले- मुस्लिम इलाकों में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाओ, क्यों भई?

जिलाधिकारी राघवेंद्र विक्रम सिंह का कासगंज हिंसा पर लिखा पोस्ट वायरल हो गया है. सैकड़ों लोग इसपर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और उसे शेयर कर रहे हैं

FP Staff Updated On: Jan 30, 2018 10:30 AM IST

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कासगंज हिंसा: बरेली के डीएम बोले- मुस्लिम इलाकों में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाओ, क्यों भई?

यूपी का कासगंज बीते 4 दिनों से हिंसा की आग में झुलस रहा है. इसे लेकर बरेली जिले के जिलाधिकारी (डीएम) ने राघवेंद्र विक्रम सिंह ने सवाल पूछा है. उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा है कि मुस्लिम मोहल्लों में जबरदस्ती जुलूस ले जाने और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने का अजीब रिवाज बन गया है.

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार राघवेंद्र विक्रम सिंह ने कासगंज में हिंसा भड़कने के दो दिन बाद यानी 28 जनवरी की रात अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट की है. पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'अजीब रिवाज बन गया है. मुस्लिम मोहल्लों में जबरदस्ती जुलूस ले जाओ और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाओ. क्यों भाई, वो पाकिस्तानी हैं क्या? बरेली के खेलम में यही हुआ था. फिर पथराव हुआ, मुकदमे लिखे गए.'

बरेली के डीएम का लिखा यह पोस्ट वायरल हो गया और फेसबुक पर कई लोगों ने इसे शेयर किया. तमाम यूजर्स ने इसके पक्ष और विरोध में अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं. सोमवार रात तक 350 से अधिक लोगों ने इसे लाइक किया. जबकि 422 लोगों ने उनके पोस्ट पर अपने कमेंट लिखे हैं.

'चीन बड़ा दुश्मन है, तिरंगा लेकर उसके खिलाफ मुर्दाबाद क्यों नहीं?'

उन्होंने अपने एक और फेसबुक पोस्ट में पूछा कि चीन के खिलाफ नारेबाजी क्यों नहीं की जाती है, जो हमारा पाकिस्तान से भी बड़ा दुश्मन है. उन्होंने लिखा, 'चीन तो बड़ा दुश्मन है, तिरंगा लेकर चीन मुर्दाबाद क्यों नहीं?'

राघवेंद्र विक्रम सिंह ने टाइम्स ऑफ इंडिया को सोमवार को कहा कि वो 'राष्ट्रभक्ति के नाम पर' हुई इस घटना से आहत और गुस्सा हैं. उन्होंने कहा कि मेरा आशय किसी मजहब या भावनाओं को आहत करना नहीं था. ऐसी घटनाओं से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है. प्रशासन और पुलिस के साथ ही स्थानीय लोगों के लिए भी दिक्कतें खड़ी होती हैं. ऐसी घटनाओं से अनावश्यक अवरोध होते हैं. आपसी सौहार्द से ही शांति और तरक्की हासिल होती है.

कासगंज में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर निकाली गई तिरंगा यात्रा को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसा भड़क उठी थी. जिसमें एक युवक की जान चली गई थी और एक शख्स घायल हो गया था. हिंसा के दौरान दर्जनों दुकानों और बसों को आग के हवाले कर दिया गया. पुलिस ने इस मामले में अब तक पचास से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है.

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