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1971 के भारतीय वीरों को मरणोपरांत बांग्लादेश ने किया सम्मानित

बांग्लादेश सरकार ने रविवार को विजय दिवस के मौके पर भारतीय सशस्त्र बल के 12 कर्मियों को 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपने प्राणों का बलिदान देने के लिए मरणोपरांत सम्मानित किया.

Updated On: Dec 16, 2018 06:35 PM IST

Bhasha

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1971 के भारतीय वीरों को मरणोपरांत बांग्लादेश ने किया सम्मानित

बांग्लादेश सरकार ने रविवार को विजय दिवस के मौके पर भारतीय सशस्त्र बल के 12 कर्मियों को 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपने प्राणों का बलिदान देने के लिए मरणोपरांत सम्मानित किया.

सेना की पूर्वी कमान के जीओसी इन सी, लेफ्टिनेंट जनरल एमएम नरवाने ने शहीद कर्मियों के परिवारों को बांग्लादेश सरकार के जरिए सम्मान दिए जाने को एक बड़ी पहल बताया और कहा कि शहीद सैनिकों को सम्मान देने की प्रक्रिया आने वाले सालों में भी जारी रहेगी और इससे दोनों देशों के संबंध मजबूत होंगे.

नरवाने ने कहा, 'हमें इस लड़ाई में उतरने के लिए बाध्य किया गया क्योंकि एक बहुत बड़ा मानवीय संकट उत्पन्न हो गया था जिसका परिणाम पाकिस्तानी सेना के विनाश और बांग्लादेश के जन्म के तौर पर सामने आया.' उन्होंने कहा, 'बहुत बिरले ही ऐसा हुआ है कि जब दो देशों की लड़ाई में एक तीसरे देश का जन्म हुआ हो.'

बांग्लादेश सरकार ने 1600 से अधिक भारतीय सशस्त्र बल कर्मियों को सम्मानित करने का निर्णय किया है, जिन्होंने पूर्वी क्षेत्र में 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपने प्राणों का बलिदान दे दिया था. पाकिस्तान पर भारत की निर्णायक जीत और बांग्लादेश के निर्माण की वर्षगांठ मनाने के लिए प्रत्येक साल इस दिन विजय दिवस मनाया जाता है.

बांग्लादेश के मुक्ति युद्ध मामलों के मंत्री ए के एम एम हक ने यहां भारतीय सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय फोर्ट विलियम में भारतीय सेना के सात सैनिकों, वायुसेना के दो, बीएसएफ के दो और नौसेना के एक कर्मी के परिवारों को सम्मान पट्टिका प्रदान की. इससे पहले शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए विजय स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया गया.

उन्होंने कहा कि पूर्वी क्षेत्र में शहीद हुए सैनिकों को सम्मानित करने की शुरुआत 2017 में हुई जब बांग्लादेशी प्रधानमंत्री ने सात सैनिकों के परिवारों को सम्मानित पट्टिकाएं प्रदान की थी. बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल में 30 मुक्तिजोद्धा शामिल थे, जिन्होंने मुक्ति संग्राम में हिस्सा लिया था. इसके साथ ही इसमें बांग्लादेश सशस्त्र बलों के छह अधिकारी भी शामिल थे.

पुष्पचक्र अर्पित करने के कार्यक्रम के बाद वायुसेना के चार हॉक ट्रेनर विमानों ने विजय स्मारक पर उड़ान भरी. इसके बाद सेना के एविएशन कोर के तीन हेलीकॉप्टरों ने भी उड़ान भरी. इनमें से एक हेलीकॉप्टर ने गुलाब की पंखडियों भी बरसाई.

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