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पटाखा बैन पर SC का फैसला: दिवाली पर सिर्फ रात 8 से 10 बजे तक ही जला सकेंगे पटाखे

पिछले साल 9 अक्टूबर को शीर्ष अदालत ने दिवाली से पहले दिल्ली में पटाखों की बिक्री पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया था

| October 23, 2018, 02:00 PM IST

FP Staff

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हाइलाइट

Oct 23, 2018

  • 11:44(IST)

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड बोर्ड के वकील ने कहा कि हर राज्य के पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड दिवाली के 7 दिन पहले से और दिवाली के सात दिन बाद तक हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा को मापा जाएगा.

  • 11:40(IST)

    सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के वकील विजय पांजवानी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला ज्यादा कड़ा नहीं है. हम उम्मीद कर रहे थे कि पटाखों पर पूर्णतः बैन लगेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ. पटाखे जलाने की अनुमति है लेकिन इसके लिए टाइम की पाबंदी भी है. आप सिर्फ रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे जला पाएंगे.

  • 11:01(IST)

    सुप्रीम कोर्ट ने न्यू ईयर पर भी पटाखे चलाने के लिए समय का निर्धारण कर दिया है. न्यू ईयर पर 11.55 से 12.30 तक ही पटाखे चला सकेंगे.

  • 10:57(IST)

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा है, दूसरे धर्म पर भी लागू हो पटाखे के आदेश

  • 10:56(IST)

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि सिर्फ लाइसेंसधारी ही पटाखे बेच पाएंगे. तेज आवाज वाले पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी.

  • 10:55(IST)

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में धार्मिक जलसों में भी पटाखे जलाने पर बैन लगा दिया है.

  • 10:54(IST)

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि केवल ग्रीन और सेफ पटाखे ही जा सकेंगे. तेज आवाज वाले पटाखों पर बैन जारी रहेगा.

    दिवाली के दिन रात 8 से 10 बजे तक पटाखे जलाने पर पाबंदी नहीं रहेगी. आम लोग सिर्फ दो घंटे ही जला पाएंगे पटाखे.

  • 10:50(IST)

    सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की ऑनलाइन सेल पर बैन लगा दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा है कि ई-कॉमर्स पोर्टल पर पटाखे नहीं बेचे जाएंगे.

  • 10:48(IST)

    सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में पटाखों की बिक्री पर पाबंदी नहीं लगाई है. हालांकि इसके लिए कुछ शर्ते जरूर लगा दी है.

  • 09:57(IST)

    वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट देश भर में पटाखों के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाने की मांग से जुड़ी एक याचिका पर आज सुनवाई करेगा. इस मामले पर 28 अगस्त को अपना फैसला सुरक्षित रखने वाली जस्टिस एके सीकरी और अशोक भूषण की पीठ को फैसला सुनाना है.

  • 09:56(IST)

    साल 2017 में दिवाली के एक दिन बाद दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण 2016 के मुकाबले काफी कम रहा था. इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने. अब देखने वाली बात यह है कि आज कोर्ट क्या फैसला सुनाता है.

  • 09:53(IST)

    पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर लगाए गए बैन के बाद दिवाली पर कम पटाखे चले थे. हालांकि कुछ लोगों ने पटाखे जरूर चलाए लेकिन ऐसे लोगों की मात्रा बेहद कम थी.

  • 09:51(IST)

    2016 में दिवाली के दौरान दिल्ली-एनसीआर की हवा की क्वालिटी दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक की थी. दिल्ली के अलावा उत्तर भारत के कई शहरों की हवा इस हद तक प्रदूषित थी जो किसी स्वस्थ इंसान को बीमार करने के लिए काफी थी.

  • 09:49(IST)

    जैसे सर्दियां दस्तक देती हैं वैसे ही दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब होने लगती है. इस बार भी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब हो गई है. यही स्थिति देश के कई शहरों का भी है. इसी को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा.

  • 09:43(IST)

    हवा की बिगड़ती गुणवत्ता और बढ़ते वायु प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए पिछले साल 9 अक्टूबर को शीर्ष अदालत ने दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया था. अब सुप्रीम कोर्ट इस बार पूरे देश में पटाखों की बिक्री पर बैन लगाने को लेकर अपना फैसला सुनाने वाला है.

  • 09:41(IST)

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पटाखा बैन पर SC का फैसला: दिवाली पर सिर्फ रात 8 से 10 बजे तक ही जला सकेंगे पटाखे
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वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट देश भर में पटाखों के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाने की मांग से जुड़ी एक याचिका पर आज यानी मंगलवार को सुनवाई कर सकता है. इस मामले पर 28 अगस्त को अपना फैसला सुरक्षित रखने वाली जस्टिस एके सीकरी और अशोक भूषण की पीठ को फैसला सुनाना है.

सुप्रीम कोर्ट ने पहले कहा था कि प्रतिबंध से जुड़ी याचिका पर विचार करते समय पटाखा उत्पादकों के आजीविका के मौलिक अधिकार और देश के 1.3 अरब लोगों के स्वास्थ्य अधिकार समेत विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखना होगा.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन के अधिकार) सभी वर्ग के लोगों पर लागू होता है और पटाखों पर देशव्यापी प्रतिबंध पर विचार करते समय संतुलन बरकरार रखने की जरूरत है.

कोर्ट ने केंद्र से प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए उपाय सुझाने और यह बताने को कहा था कि पटाखे पर प्रतिबंध लगाने से व्यापक रूप से जनता पर क्या प्रभाव पड़ेगा? सुप्रीम कोर्ट ने 8 अगस्त को कहा था कि हवा में पीएम 2.5 के स्तर का बढ़ना एक गंभीर समस्या है क्योंकि इसका असर लोगों के फेफड़ों पर पड़ता है, जिससे कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.

पटाखा बनाने वालों ने कोर्ट में कहा था कि पटाखों पर पूरी तरह से बैन नहीं लगाया जाना चाहिए. आप इसे सख्ती से निपट सकते हैं. उन्होंने तर्क दिया कि पटाखों से वायु प्रदूषण में वृद्धि नहीं हो रही बल्कि इसके लिए अन्य कारण जिम्मेदार हैं. पिछले साल 9 अक्टूबर को शीर्ष अदालत ने दिवाली से पहले दिल्ली में पटाखों की बिक्री पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया था.

(इनपुट भाषा से)

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