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ओला-उबर: हड़ताल के चलते यात्रियों से ऑटोवालों की मनमानी

फिलहाल दिल्ली-एनसीआर वालों को ओला-उबर के ड्राइवरों की स्ट्राइक से राहत नहीं.

Updated On: Feb 15, 2017 11:50 AM IST

FP Staff

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ओला-उबर: हड़ताल के चलते यात्रियों से ऑटोवालों की मनमानी

मोबाइल बेस्ड कैब कंपनी ओला-उबर की हड़ताल को पांच दिन हो चुके हैं. दिल्ली-एनसीआर में लोगों को कैब नहीं मिलने के कारण काफी मुश्किलों का सामना कर पड़ रहा है.

दिल्ली-एनसीआर में लगभग 1.5 लाख कैब चलती हैं. हड़ताल के चलते लोगों को कैब नहीं मिल पा रही है. जिनको मिल भी रही है उनको सर्ज प्राइस देना पड़ रहा है.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक लोगों को रेलवे स्टेशन से जाने के लिए ऑटो रिक्शा का इस्तेमाल करना पड़ रहा है. ऑटो चालक लोगों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं. ऑटोचालक मीटर से चलने के लिए मना कर रहे हैं.

खबर के मुताबिक एक यात्री ने ऑटो ड्राइवर को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से सीआर पार्क तक जाने के लिए 270 रुपए किराए का भुगतान किया. मीटर से अगर इतनी दूरी तय की जाए तो 120 रुपए होते हैं.

वहीं ऑटोचालकों का कहना है कि उनके पुराने दिन लौट आए हैं. कैब के कारण उन्हें कोई पूछता नहीं था. अब दोबारा से उनकी डिमांड बढ़ गई है.

ola Uber Drivers

स्ट्राइक के पांचवे दिन नारे लगाते ड्राइवर्स (फोटो: पीटीआई)

कैब नहीं चलने के कारण परेशानी का समना कर रहे अमित कुमार ने भी ट्विटर पर अपना दुखा साझा किया है ‘ओला-उबर स्ट्राइक से हम 90 के दशक में लौट गए हैं.’ अमित ने प्रीपेड टैक्सी बुकिंग का बोर्ड भी शेयर किया है.

दीक्षा अरोड़ा ने भी हड़ताल के कारण हो रही परेशानी को ट्विटर पर साझा किया है. उन्होंने लिखा 'कैब जीवन में बहुत जरूरी बन गई है. एक घंटा हो गया कैब बुक किए. स्ट्रैसफुल लाईफ में कैब बुक करना भी एक संघर्ष है.'

ओला-उबर के किराए में कटौती के कारण ड्राइवर्स हड़ताल पर हैं. ड्राइवर्स का कहना है किराए में कटौती से हमारी बचत कम हो जाएगी.

हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कैब ड्राइवर ने कहा ‘फिलहाल तो कोई फैसला नहीं लिया है कि स्ट्राइक कब खत्म करेंगे.’ मतलब साफ है कि दिल्ली-एनसीआर वालों की मुश्किलों का फिलहाल कोई समाधान नहीं  दिखाई दे रहा है.

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