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जैन हवाला जैसा न हो जाए अगस्ता वेस्टलैंड की डायरी का हाल

गृह मंत्रालय से सीबीआई के पास फाइल आने का मतलब है, कांग्रेस के कुछ नेताओं पर कार्रवाई के लिए हरी झंडी मिलना.

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Jan 06, 2017 10:53 PM IST

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जैन हवाला जैसा न हो जाए अगस्ता वेस्टलैंड की डायरी का हाल

वीवीआईपी हेलिकॉप्टर डील मामले में शामिल राजनेताओं पर सीबीआई ने नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है. अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी हेराफेरी मामले में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी के साथ कई राजनेताओं के नाम कथित तौर पर शामिल हैं.

सीबीआई के पास एक डायरी है. जिसमें अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी की ओर से दी गई रिश्वत का पूरा ब्योरा है. डायरी में कथित तौर से कांग्रेस के कुछ नेताओं के नाम लिखे गए हैं.

सीबीआई ने गृह मंत्रालय से सहमति मिलने के बाद वीवीआईपी हेलिकॉप्टर डील से जुड़ी डायरी की पड़ताल शुरू कर दी है. सीबीआई को यह डायरी इटली की एक अदालत ने दी है.

सीबीआई की कार्यप्रणाली को करीब से जानने वाले कहते हैं कि इस डायरी का हाल भी जैन हवाला डायरी जैसा ही होने वाला है.

सीबीआई में पब्लिक प्रोसिक्यूटर रह चुके वरिष्ठ वकील एमपी सिंह कहते हैं, 'जैन हवाला डायरी मामला देश के लिए और सीबीआई के लिए एक नजीर है'.

वो आगे कहते हैं कि 'हवाला मुकदमे में भी एक डायरी सामने आई थी. जिसमें लालकृष्ण आडवाणी, मदन लाल खुराना, शरद यादव और चौधरी देवीलाल के नाम शामिल थे. नतीजा यह हुआ कि सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी सभी नेताओं को हवाला मामले से बरी कर दिया'.

cbi headquarter

एमपी सिंह आगे कहते हैं, ‘सीबीआई या पुलिस के पास पावर है कि किसी को भी गिरफ्तार कर ले. लेकिन पुलिस कोर्ट में कैसे साबित करेगी, इस पर सवाल है?’

एमपी सिंह के मुताबिक उनके पास एक डायरी है. जिसमें वो सीधे-सीधे किसी का नाम और उसका पूरा पता लिखे होने की बात का जिक्र करते हैं. लेकिन अदालत में ये कैसे साबित किया जाएगा कि किसी आदमी को 25 लाख या 50 लाख रुपए दिए गए हैं. जब हमारे पास लेनदेन की डिटेल नहीं हैं. जिस आदमी ने मेरी शक्ल नहीं देखी और जिसकी हमने भी शक्ल नहीं देखी है.

अगस्ता वेस्टलैंड केस की डायरी में तो कोर्ड वर्ड में नाम लिखे हैं. जबकि जैन हवाला डायरी में तो पूरा नाम और रकम लिखा हुआ था. डायरी में नाम या रकम लिखते समय उस आदमी की मानसिक स्थिति क्या थी. कोर्ट इस पहलू पर भी ध्यान देती है.’

सीबीआई ने 3 हजार 767 करोड़ रुपए की वीवीआईपी हेलिकॉप्टर डील मामले में एसपी त्यागी सहित तीन लोगों को गिफ्तार किया था. तीनों ही कोर्ट से जमानत पर अभी रिहा हैं.

कांग्रेस की बढ़ सकती है मुश्किलें

सीबीआई की नई चाल से कांग्रेस के कई नेताओं की रातों की नींद उड़ सकती है. सीबीआई के पास अगस्ता वेस्टलैंड केस से जुड़ी एक डायरी है. ऐसा दावा है कि इसमें कांग्रेस के कई नेताओं के नाम और उनको दिए गए रिश्वत का पूरा डिटेल दर्ज है. दावा किया जाता है कि डायरी में कांग्रेस के कुछ नेताओं के नाम शार्ट फॉर्म में लिखा हुआ है.

Agusta Westland

गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार हेलिकॉप्टर घूसकांड की फाइल कई महीनों से गृह मंत्रालय में पड़ी थी. जिसे सीबीआई के इंचार्ज डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने मंजूरी के बाद सीबीआई दफ्तर मंगा लिया है.

सीबीआई से जुड़े सूत्रों के अनुसार डायरी में जो नाम हैं. उन पर कार्रवाई की इजाजत के लिए फाइल गृह मंत्रालय भेजी गई थी.

सीबीआई के पास फाइल आने का मतलब है कांग्रेस के इन नेताओं पर कार्रवाई के लिए हरी झंडी मिलना.

तीन साल से घूसकांड की गूंज

लगभग तीन साल से अगस्ता वेस्टलैंड घूसकांड की आवाज देश के राजनीतिक गलियारे में गूंज रही थी. इस दौरान सीबीआई कुछ भी कर पाने में नाकाम रही थी, पर राकेश अस्थाना के इंचार्ज डायरेक्टर बनते ही जांच में तेजी आ गई. राकेश अस्थाना के आते ही सीबीआई एक्शन में आ गई.

Rakesh Asthana 1

फेसबुक से ली गई तस्वीर

सीबीआई की दलील को नकारा

सीबीआई ने कहा है कि अगस्ता वेस्टलैंड केस में जल्द ही चार्जशीट दायर कर ली जाएगी. अगस्ता मामले की एफआईआर साल 2013 में दर्ज की गई थी. इन तीन सालों के दौरान सीबीआई ने आरोपी पूर्व वायुसेना प्रमुख को गिरफ्तार नहीं किया था. गिरफ्तार किया भी तो तीन साल बाद. त्यागी को गिरफ्तार करने के बाद जमानत भी मिल गई. कोर्ट ने सीबीआई की दलील को अस्वीकार करते हुए उस पर सवाल खड़े किए थे.

जल्द ही चार्जशीट दायर की जाएगी

सीबीआई ने पूर्व वायुसेना प्रमुख और दो अन्य को जमानत दिए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी है. सीबीआई ने मांग की है कि त्यागी को तब तक जेल में रखा जाए जब तक कि वो चार्जशीट नहीं दायर कर देते. सीबीआई जनवरी के आखिर तक चार्जशीट दायर करने वाली है.

सीबीआई के पूर्व वकील एमपी सिंह कहते हैं, ‘जमानत क्या है और गिरफ्तारी क्यों होती है? दोनों, दो चीज हैं. कनविक्शन से पहले किसी आदमी को जेल भेजना ठीक नहीं है. क्योंकि कल को आरोपी बरी हो जाता है तो जेल में काटे गए समय किसके खाते में जाएगा और क्यों जाएगा?

अगर एजेंसी जांच कर रही है और आरोपी विटनेस और सबूत के साथ छेड़छाड़ कर रहा है. फिर तो आपको गिरफ्तार किया जा सकता है. बशर्ते एजेंसी के पास ठोस सबूत हों.

फोटो. विकीमीडिया

एसपी त्यागी पर अगस्ता वेस्टलैंड सौदे में रिश्वत लेने का आरोप है

एमपी सिंह ने कहा, जब एजेंसी आपको बुला रही है और आप पूरा सहयोग कर रहे हैं तो गिरफ्तारी का कोई मतलब नहीं होता है. त्यागी लगातार सीबीआई को जांच में मदद कर रहे थे.

फिर जमानत पर बाहर आ जाएगा

एमपी सिंह आगे कहते हैं, अगस्ता वेस्टलैंड मामले में सीबीआई अभी भी त्यागी और दो अन्य आरोपी को कभी भी और कहीं भी बुलाकर पूछताछ कर सकती है.

सीबीआई अगर जमानत रद्द करा देती है तो आरोपी कुछ दिनों के बाद जेल चला जाएगा. फिर अदालत से जमानत पर बाहर आ जाएगा. उसके बाद सीबीआई आरोपी से आगे पूछताछ नहीं कर सकती है.

किसी भी आदमी के कस्टोडियल इनवेस्टिगेशन के लिए 15 दिन काफी होता है. सवाल यह है कि सीबीआई के पास 15 दिन में कौन सा गवाह हाथ लग गया है. जिससे वह जमानत रद्द कराने के लिए पहुंची है. सीबीआई सिर्फ और सिर्फ फेस सेविंग में लगी है.

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