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क्रिश्चियन मिशेल को लाया गया भारत, NSA डोवाल के नेतृत्व में ऐसे पूरा हुआ 'ऑपरेशन यूनिकॉर्न'

इस अभियान को सीबीआई ने कोडनेम ऑपरेशन यूनिकॉर्न दे रखा था. सीबीआई प्रवक्ता ने यह बात मीडिया को बताई. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल इसका नेतृत्व कर रहे थे

Updated On: Dec 05, 2018 10:52 AM IST

FP Staff

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क्रिश्चियन मिशेल को लाया गया भारत, NSA डोवाल के नेतृत्व में ऐसे पूरा हुआ 'ऑपरेशन यूनिकॉर्न'

अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे मामले में कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स के प्रत्यर्पण को कूटनीतिक मोर्चे पर भारत की बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है. लेकिन इसके पीछे भारत का बहुत ही योजनाबद्ध प्रयास रहा है. NSA अजीत डोवाल के नेतृत्व में 'ऑपरेशन यूनिकॉर्न' नाम का यह मिशन कैसे सफल हुआ जानिए...

मंगलवार देर रात इस सौदे में कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को भारत लाया गया है. जेम्स को लेकर आ रहा विमान मंगलवार रात 10 बजकर 35 मिनट पर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा. हालांकि उसके बाद से जेम्स को कहां पर रखा गया है इसकी जानकारी नहीं दी गई है. लेकिन अब जेम्स को अदालत में पेश किया जाना है. मिशेल जेम्स को लेने के लिए एक पूरी टीम दुबई गई थी. दुबई सरकार ने उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी. इससे पहले उसके भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील को सऊदी ने खारिज कर दिया था.

इस अभियान को सीबीआई ने कोडनेम ऑपरेशन यूनिकॉर्न दे रखा था. सीबीआई प्रवक्ता ने यह बात मीडिया को बताई. इस अभियान का नेतृत्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल कर रहे थे. और ऑपरेशन में टीम का समन्वय सीबीआई के अंतरिम निर्देशक एम नागेश्वर राव के हाथों में था.

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सीबीआई प्रवक्ता के अनुसार जो टीम मिशेल जेम्स को लेने के लिए दुबई गई थी, उसका नेतृत्व सीबीआई के संयुक्त निदेशक साई मनोहर कर रहे थे. एजेंसी ने ही प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी कराई और मिशेल को भारत लेकर आए.

हालांकि इससे पहले मिशेल जेम्स ने अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ अदालत में अपील कर रखी थी. लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया था. जिसके बाद भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी गई थी.

CBI प्रवक्ता अभिषेक दयाल के अनुसार अगस्ता वेस्टलैंड को ठेका दिलाने और भारतीय अधिकारियों को गैरकानूनी कमीशन या रिश्वत का भुगतान करने के लिए बिचौलिए के तौर पर मिशेल की संलिप्तता 2012 में सामने आई थी. अगस्ता वेस्टलैंड मामले में जांच से पहले ही मिशेल जेम्स भाग निकला था और तबसे गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था.

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पिछले साल सितंबर में मिशेल जेम्स के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया था. मिशेल के फरार होने के चलते दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश ने 24 सितंबर, 2015 को उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया था. जिसके आधार पर इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया और आखिरकार उसे फरवरी, 2017 में दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया.

मिशेल जेम्स गिरफ्तारी के बाद से जेल में था. और वहां उस पर न्यायिक कार्यवाही चल रही थी. दुबई में कोर्ट ऑफ कैसेशन ने मिशेल के वकील की ओर से प्रत्यर्पण संबंधित दो आपत्तियों को खारिज कर दिया था.

मिशेल के अलावा इस मामले में कई भारतीय अधिकारी भी आरोपी हैं. इनमें तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी और उनके परिवारिक सदस्य प्रमुख हैं. आरोप है कि षड्यंत्र के तहत उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए VVIP हेलिकॉप्टरों की उड़ान भरने की ऊंचाई की सीमा को 6,000 मीटर से घटाकर 4,500 करवा दिया था.

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8 फरवरी, 2010 को रक्षा मंत्रालय ने अगस्ता वेस्टलैंड इंटरनेशनल लिमिटेड के साथ इस समझौते की मंजूरी दी थी. इसका ठेका 55.62 करोड़ यूरो में दिया गया था.

1980 के ही वह अगस्ता वेस्टलैंड के साथ जुड़ा था. सूत्रों के अनुसार मिशेल जेम्स को हेलिकॉप्टरों, सैन्य अड्डों और पायलटों की तकनीकी संचालन की बारीक जानकारी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उसके पिता भी भारतीय क्षेत्र के लिए कंपनी के परामर्शदाता रह चुके हैं. वह कई बार भारत आ चुका था. भारतीय वायुसेना, रक्षा मंत्रालय के कई अधिकारियों के साथ उसका बड़े स्तर का नेटवर्क होने की संभावना है.

(साभार न्यूज-18)

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