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वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे NRC में शामिल नहीं लोगों के नाम: राम माधव

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एक सेमिनार में कहा कि एनआरसी को सख्ती से पूरे भारत में लागू किया जाए

Updated On: Sep 11, 2018 12:36 PM IST

Bhasha

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वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे NRC में शामिल नहीं लोगों के नाम: राम माधव
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बीजेपी महासचिव राम माधव ने कहा कि असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की अंतिम सूची में शामिल नहीं किए जाने वाले लोगों का मताधिकार छीन लिया जाएगा और उन्हें वापस उनके देश भेज दिया जाएगा.

वहीं असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि एनआरसी को पूरे भारत में लागू किया जाए. सोमवार को ‘एनआरसी: डिफेंडिंग दि बॉर्डर्स, सेक्यूरिंग दि कल्चर’ विषय पर एक सेमिनार को संबोधित करते हुए सोनोवाल ने कहा कि भारत के वाजिब नागरिकों को अपनी नागरिकता साबित करने और एनआरसी की अंतिम सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए पर्याप्त अवसर दिया जाएगा.

‘रामभाऊ म्हलगी प्रबोधिनी’ नाम के थिंक-टैंक की ओर से आयोजित सेमिनार में सोनोवाल ने कहा, ‘एनआरसी सभी राज्यों में लागू की जानी चाहिए. यह ऐसा दस्तावेज है जो सभी भारतीयों का संरक्षण कर सकता है. असम में एनआरसी में शामिल नहीं किए जाने वाले लोग अन्य राज्यों में जा सकते हैं. इसलिए हमें ठोस कदम उठाना होगा.’

असम में रह रहे वास्तविक भारतीय नागरिकों की पहचान के लिए सुप्रीम कोर्ट  के आदेश पर अद्यतन की जा रही एनआरसी की 30 जुलाई को प्रकाशित मसौदा सूची में 40 लाख से ज्यादा लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए जिससे राजनीतिक विवाद पैदा हो गया.

राम माधव

राम माधव

‘असम समझौते’ के तहत एनआरसी को अद्यतन किया जा रहा है

इस सेमिनार में राम माधव ने कहा कि 1985 में हुए ‘असम समझौते’ के तहत एनआरसी को अद्यतन किया जा रहा है, जिसके तहत सरकार ने राज्य के सभी अवैध प्रवासियों का पता लगाने और उन्हें देश से बाहर निकालने की प्रतिबद्धता जाहिर की थी.

उन्होंने कहा, ‘एनआरसी से सभी अवैध प्रवासियों की पहचान सुनिश्चित हो सकेगी. अगल कदम ‘मिटाने’ का होगा, यानी अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे और उन्हें सभी सरकारी लाभों से वंचित कर दिया जाएगा. इसके अगले चरण में अवैध प्रवासियों को देश से बाहर कर दिया जाएगा.’

अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकाले जाने पर भारत को अंतरराष्ट्रीय आलोचना का सामना करने की स्थिति की बात कहने वालों पर निशाना साधते हुए माधव ने कहा कि बांग्लादेश भी म्यामांर के साथ सक्रिय बातचीत कर रहा है ताकि लाखों रोहिंग्या लोगों को वहां से बाहर निकाला जा सके. म्यामांर में अत्याचार का शिकार होने के बाद लाखों रोहिंग्या मुसलमानों ने बांग्लादेश में शरण ले रखी है.

उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई भी देश अवैध प्रवासियों को बर्दाश्त नहीं करता, लेकिन भारत राजनीतिक कारणों से अवैध प्रवासियों के लिए ‘धर्मशाला’ बन गया है.

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