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असम: 19 साल के गैंगरेप-मर्डर के दोषी को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

कोर्ट ने मार्च में हुए 11 साल की बच्ची के गैंगरेप और हत्या के 19 साल के दोषी ज़ाकिर हुसैन को फांसी की सजा सुनाई

Updated On: Sep 07, 2018 04:55 PM IST

FP Staff

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असम: 19 साल के गैंगरेप-मर्डर के दोषी को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेंस (POCSO) एक्ट में बदलाव के बाद से रेप के मामलों की सुनवाई और फैसलों में तेजी आई है. कहा जा सकता है कि कुछ मामलों में पीड़ितों को न्याय जल्दी मिलने लगी है.

असम के नागौन जिले के जिला सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को भी ऐसा एक फैसला लिया. कोर्ट ने मार्च में हुए 11 साल की बच्ची के गैंगरेप और हत्या के 19 साल के दोषी ज़ाकिर हुसैन को फांसी की सजा सुनाई.

जिला सत्र न्यायालय की जज रीता कर ने हुसैन को पॉक्सो एक्ट के तहत नाबालिग बच्ची के गैंगरेप के लिए उम्रकैद और हत्या के लिए उसे फांसी की सजा सुनाई.

न्यूज18 की खबर के मुताबिक, कोर्ट ने 4 सितंबर को ज़ाकिर हुसैन को गैंगरेप-हत्या के दोष में दोषी घोषित किया था और बाकी पांच आरोपियों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया था.

जांच टीम के हिस्सा रहे नागौन के एसपी रिपुल दास ने बताया कि इसके अलावा इस केस में दो नाबालिगों को भी दोषी पाया गया था. उन दोनों को इसी हफ्ते तीन साल के लिए सुधार गृह भेज दिया गया था.

इस साल मार्च में 23 तारीख को नागौन के धनियाभेती लालुंग गांव में कक्षा पांच की एक छात्रा के साथ गैंगरेप करने के बाद उसे जला दिया गया था. दोषी अपराध करने के बाद वहां से भाग गए थे. बच्ची को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में एडमिट कराया गया, जहां अगले दिन उसकी मौत हो गई.

बाटाद्रवा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराया गया था. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रेप, ट्रेसपासिंग, हत्या करना और सबूतों को मिटाने की कोशिश करने के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस ने 28 अप्रैल को आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया.

इस घटना के बाद से असम भर में विरोध प्रदर्शन हुए थे. सरकार ने असम विधानसभा में घोषणा की थी कि वो सदन के अगले सत्र में कड़े बलात्कार विरोधी कानून लाएगी. सरकार ने ये भी कहा था कि वो राज्य में महिला सब-इस्पेक्टरों की भर्ती करेगी और पुलिस बल में 30 प्रतिशत महिलाओं की उपस्थिति सुनिश्चित करेगी. गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम में महिलाओं और बच्चियों के रेप और हत्या के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी भी दिखा दिया था.

राज्य के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मुसीबत में पड़ी महिलाओं और लड़कियों की मदद के लिए '181-सखी' नाम से एक टोल फ्री हेल्पलाइन भी लॉन्च किया था.

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