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भागलपुर हिंसा: BJP नेता के बेटे ने कहा- मैं क्यों सरेंडर करूं

पुलिस की इजाजत के बगैर झांकी निकालने के मामले में अरिजित के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है

Updated On: Mar 26, 2018 11:16 AM IST

FP Staff

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भागलपुर हिंसा: BJP नेता के बेटे ने कहा- मैं क्यों सरेंडर करूं

बिहार में भागलपुर की एक अदालत ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अरिजित शाश्वत और आठ लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया है. अरिजित पर पिछले हफ्ते भागलपुर जिले में सांप्रदायिक हिंसा भड़काने का आरोप है.

दूसरी ओर अश्विनी चौबे के बेटे अरिजित शाश्वत ने कहा कि पुलिस अगर मुझे गिफ्तार करने आती है तो मैं वही करूंगा जो पुलिस कहेगी. मैं इस मामले में अग्रिम जमानत की याचिका लगाने जा रहा हूं.

उधर, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने नाथनगर पुलिस की ओर से दायर अर्जी पर रविवार को वॉरंट जारी किया. पुलिस ने इस सिलसिले में दर्ज दो एफआईआर में से एक में शामिल नौ लोगों की गिरफ्तारी की मांग की थी. अतिरिक्त लोक अभियोजक (एपीपी) वीरेश मिश्रा ने बताया, ‘अभय कुमार घोष, सोनू, प्रमोद वर्मा पम्मी, देव कुमार पांडेय, संजय भट्ट, सुरेंद्र पाठक, अमित लाल साह और प्रणव साह उर्फ प्रणव दास के खिलाफ भी वॉरंट जारी किया गया.’ भागलपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस को कोर्ट के आदेश की कॉपी मिली है और सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा.

बीते 17 मार्च को भागलपुर में पुलिस की इजाजत के बगैर झांकी निकालने के मामले में अरिजित के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. अरिजित के पिता अश्विनी कुमार चौबे बीजेपी के नेता और केंद्र में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री हैं. हिंदू नव वर्ष की पूर्वसंध्या पर भारतीय नव वर्ष जागरण समिति की ओर से झांकी निकाली गई थी. इससे जिले के नाथनगर पुलिस थाना क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव कायम हो गया था. इस घटना में दो पुलिसकर्मी सहित कुछ अन्य लोग जख्मी हो गए थे. भागलपुर की घटना पर विरोध जताते हुए विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने पिछले हफ्ते बिहार विधानसभा की कार्यवाही ठप कर दी थी. दोनों पार्टियों ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की थी.

चौबे के बेटे अरिजित ने यह साफ कर दिया कि वे सरेंडर नहीं करेंगे. अरिजित ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, मैं क्यों सरेंडर करूंगा. कोर्ट ने वॉरंट जारी किया है लेकिन कोर्ट शरण भी देता है. जब आप कोर्ट चले जाते हैं तो उसके कहने पर ही सारा काम करते हैं. मुझे भारत की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है. मैं कोई भगोड़ा नहीं हूं. मैं घर पर ही हूं.

भागलपुर में हिंसा की घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव है. आगे कोई घटना न हो, इसके लिए पुलिस एहतिआत बरत रही है.

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