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आसियान बैठकः भारत सामरिक सहयोग को मजबूत बनाने पर देगा जोर

आसियान स्मारक शिखर सम्मेलन का आयोजन 25 जनवरी को हो रहा है

Updated On: Dec 13, 2017 07:43 PM IST

Bhasha

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आसियान बैठकः भारत सामरिक सहयोग को मजबूत बनाने पर देगा जोर

हिंद प्रशांत क्षेत्र में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत आसियान देशों के साथ अगले महीने होने वाली बैठक के दौरान अपने सामरिक सहयोग को और गहरा बनाने पर जोर देगा.

आसियान स्मारक शिखर सम्मेलन का आयोजन 25 जनवरी को हो रहा है. सूत्रों ने बताया कि आतंकवाद से प्रभावी तरीके से मुकाबला करने, नौवहन सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देने, कनेक्टिवटी को मजबूत बनाने समेत विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा होगी.

भारत और आसियान के बीच यह बैठक ऐसे समय में आयोजित हो रही है जब हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन अपनी सैन्य उपस्थिति को बढ़ा रहा है. आसियान के साथ भारत के सहयोग को चीन के प्रभाव को संतुलित करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है.

इस सम्मेलन में आने वाले 10 देशों के शासनाध्यक्ष लेंगे गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा

सूत्रों ने बताया कि भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच प्रस्तावित चतुष्कोणीय गठजोड़ को लेकर भारत और आसियान के बीच कोई मतभेद नहीं है. आसियान के सभी 10 देशों ने इस शिखर सम्मेलन और भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा लेने की सहर्ष सहमति प्रदान कर दी है. इसमें इन देशों के शासनाध्यक्ष हिस्सा लेंगे. इस समारोह का आयोजन भारत और आसियान के संबंधों के 25 वर्ष पूरा होने के अवसर पर किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि भारत का मानना है कि जब विभिन्न देशों में नौवहन विवाद है, ऐसे में क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर संतुलनकारी तत्व होना चाहिए. इसका इशारा दक्षिण चीन सागर से जुड़े विवाद की ओर माना जा रहा है.

सूत्रों ने बताया कि संसाधनों से भरपूर इस क्षेत्र के साथ ऐतिहासिक एवं सभ्यतागत संबंधों को देखते हुए हिंद प्रशांत क्षेत्र में भारत की मौजूदगी स्वागतयोग्य है. भारत की उपस्थिति निश्चित तौर पर इस क्षेत्र में शक्ति संतुलन को स्थापित करने में मददगार होगा. बता दें कि काफी संख्या में आसियान देशों के चीन के साथ दक्षिण चीन सागर में क्षेत्रीय विवाद है.

भारत आसियान देशों के साथ सामरिक सहयोग को बनाना चाहता है मजबूत

भारतीय अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका, जापान, आस्ट्रेलिया और भारत का प्रस्तावित चतुष्कोणीय गठजोड़ महत्वपूर्ण है. इसकी पृष्ठभूमि मनीला में आसियान शिखर सम्मेलन की बैठक से इतर इन देशों के नेताओं के बीच गहन चर्चा के बाद तैयार की गई थी. इसमें सुरक्षा सहयोग समेत हिंद प्रशांत क्षेत्र में सामरिक सहयोग पर जोर दिया गया था.

सूत्रों ने बताया कि भारत आसियान देशों के साथ सामरिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में अपने संबंधों को और मजबूत बनाना चाहता है जिसमें मुख्य जोर ‘वाणिज्य, कनेक्टिविटी और संस्कृति’ पर होगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 दक्षिण पूर्व एशियाई देशों को भारत के अगले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था.

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