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आसाराम रेप केस: नाबालिग से रेप के मामले में जानिए कब क्या हुआ

16 साल की लड़की ने आसाराम पर बालात्कार करने का आरोप लगाया था. जिसके बाद से आसाराम के लिए मुश्किलें खड़ी होनी शुरू हो गईं

FP Staff Updated On: Apr 25, 2018 10:57 AM IST

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आसाराम रेप केस: नाबालिग से रेप के मामले में जानिए कब क्या हुआ

जोधपुर की कोर्ट बुधवार को आसाराम पर जिस मामले को लेकर फैसला सुनाने वाली है उसका खुलासा 15 अगस्त 2013 को हुआ था. 16 साल की लड़की ने आसाराम पर बालात्कार करने का आरोप लगाया था. जिसके बाद से आसाराम के लिए मुश्किलें खड़ी होनी शुरू हो गईं. आइए नज़र डालते हैं कि इस मामले में आखिर कब क्या हुआ?

15 अगस्त 2013: साल 2013 में शाहजहांपुर की 16 साल की लड़की ने आसाराम पर उनके जोधपुर आश्रम में बलात्कार करने का आरोप लगाया

20 अगस्त 2013: पिड़िता के परिवार वालों ने दिल्ली के कमला मार्केट थाने में मामला दर्ज कराया. बाद में मामले को जोधपुर ट्रांसफर कर दिया गया.

23 अगस्त 2013: आसाराम के समर्थकों ने दिल्ली के कमला मार्केट थाने पर हमला कर दिया.

28 अगस्त 2013: पिड़िता के पिता ने आसाराम को मौत की सज़ा देने की मांग की. लेकिन आसाराम के बेटे सत्य साईं ने उस लड़की को मानसिक रोगी कहा.

28 अगस्त 2013: जोधपुर पुलिस ने आसाराम को गिरफ्तार किया बाद में कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया. कोर्ट के फैसले के बाद आसाराम के समर्थकों ने जमकर उत्पात मचाया

06 नवंबर 2013: जोधपुर पुलिस ने आसाराम और चार और लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर किया. चार्जशीट में कहा गया कि 16 साल की लड़की के साथ आसारम ने रेप किया

08 नवंबर 2013: राजस्थान हाई कोर्ट ने जिला और सत्र न्यायालय को केस की हर दिन सुनवाई करने को कहा.

7 फरवरी 2014: जोधपुर की अदालत ने आसाराम के खिलाफ बलात्कार, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य अपराधों के लिए आरोप तय किए.

13 फरवरी 2014: आसाराम ने कहा बलात्कार मामले में वो दोषी नहीं है.

19 अगस्त 2014: सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की जमानत याचिका खारिज की.

1 जनवरी 2015: जमानत याचिका को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने AIIMS की एक सात सदस्यीय मेडिकल बोर्ड को आसाराम की जांच करने को कहा.

7 अप्रैल 2018: इस मामले को लेकर एससी / एसटी कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई. विशेष न्यायाधीश मधु सुदन शर्मा ने फैसले को सुरक्षित रखा.

आसाराम के केस में गवाह बने कई लोगों की हत्या भी हो चुकी है

- गवाही देने वाले कृपाल सिंह की 10 जुलाई, 2014 को शाहजहांपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई.

- अखिल गुप्ता को 11 जनवरी 2015 को मुज़फ्फ़रनगर में गोली मार दी गई.

- अमरुत प्रजापति की 23 मई 2014 को राजकोट में गोली मारकर हत्या कर दी गई.

- राहुल सचान पर 13 फ़रवरी 2015 को जोधपुर कोर्ट के बाहर हमला किया गया.

- राजू चंदोक पर 6 दिसंबर 2009 को गोलियां चलाई गईं.

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