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पाकिस्तान में जन्मे असुमल हरपलानी कैसे बने लोगों के आसाराम बापू

गंभीर मामलों में आरोपी होने के बावजूद आसाराम के समर्थक उन्हें पाक-साफ मानते हैं और उनकी पूजा तक करते हैं

Updated On: Apr 25, 2018 11:10 AM IST

FP Staff

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पाकिस्तान में जन्मे असुमल हरपलानी कैसे बने लोगों के आसाराम बापू

नाबालिग से रेप के मामले में आसाराम को दोषी करार दिया गया है. जोधपुर सेंट्रल जेल में विशेष अदालत ने आसाराम की सजा का ऐलान किया.

आसाराम पर इसके अलावा दो बच्चों की नरबलि, सूरत की दो बहनों के बलात्कार और 9 गवाहों पर हुए जानलेवा हमलों में 3 की हत्या करवाने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. ऐसे गंभीर मामलों में आरोपी होने के बावजूद उनके समर्थक उन्हें पाक-साफ मानते हैं और उनकी पूजा तक करते हैं.

कौन हैं आसाराम

आसाराम का असली नाम असुमल हरपलानी है. उनका जन्म साल 1941 में पाकिस्तान के सिंध इलाके में हुआ था. विभाजन के बाद सिंधी व्यापारी समुदाय से संबंध रखने वाला उनका परिवार अहमदाबाद आ गया और 20 साल की उम्र में असुमल ने अध्यात्म की राह पकड़ी और लीलाशाह को अपना गुरु माना. बस यहीं से असुमल का नाम आसाराम हो गया.

साल 1972 में आसाराम ने अहमदाबाद से लगभग 10 किलोमीटर दूर मुटेरा कस्बे में अपना पहला आश्रम शुरू किया. आसाराम पर हत्या, बलात्कार और हत्या के प्रयास के अलावा उनके आश्रमों पर जमीन हड़पने के आरोप भी लगे हैं.

आसाराम के हैं 4 करोड़ भक्त

आसाराम के आश्रमों की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक दुनिया भर में उनके 4 करोड़ अनुयायी हैं. इसके अलावा उनके दुनिया भर में 400 से ज्यादा आश्रम भी हैं. बता दें कि आसाराम की पहुंच बढ़ाने के लिए उनके बेटे नारायण साईं ने भी खुद को अध्यात्म के हवाले कर दिया था.

जानकार बताते हैं कि आसाराम ने अपने कार्यक्रमों के दौरान मुफ्त भोजन जैसी सुविधाएं शुरू की थीं जिससे कमज़ोर तबके के लोग बड़ी संख्या में उनके अनुयायी बन गए. इसके अलावा आसाराम के गुजरात और मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में स्थित आश्रम मुफ्त देशी दवाएं भी बांटते हैं जिससे इलाके के लोग बड़ी संख्या में इन आश्रमों में जाने लगे.

नेता भी हैं बापू के भक्त

आसाराम उन कुछ अध्यात्मिक गुरुओं में शुमार रहे हैं जिनके अनुयायी कांग्रेस और बीजेपी दोनों के ही शीर्ष नेता रहे हैं. बापू के शिष्यों में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, नितिन गडकरी, दिग्विजय सिंह, कमल नाथ और मोतीलाल वोरा जैसे नाम शामिल रहे हैं. इन सबके अलावा शिवराज सिंह चौहान, उमा भारती, रमन सिंह, प्रेम कुमार धूमल और वसुंधरा राजे भी बापू के आश्रम जाते रहे हैं.

खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गुजरात के सीएम होने के दौरान कई बार आसाराम के आश्रम में होने वाले कार्यक्रमों में शिरकत करते रहे हैं. हालांकि साल 2008 में जब आसाराम के मुटेरा आश्रम में दो बच्चों के नरकंकाल बरामद हुए तो ज़्यादातर नेताओं और राजनीतिक पार्टियों ने उनसे दूरी बना ली.

आसाराम के वकील

आसाराम के केस देश के सबसे महंगे वकील लड़ते रहे हैं. इन वकीलों में राम जेठमलानी, राजू रामचंद्रन, सुब्रमण्यम स्वामी, सिद्धार्थ लूथरा, सलमान ख़ुर्शीद, केटीएस तुलसी और यूयू ललित जैसे नाम शामिल हैं. यूयू ललित तो आजकल सुप्रीम कोर्ट में जज हैं. बता दें कि अलग-अलग अदालतों ने आसाराम की ज़मानत की अर्जियां अभी तक 11 बार ख़ारिज की हैं.

किस मामले में आया फैसला

नाबालिग से रेप के मामले में  आसाराम 31 अगस्त 2013 को इंदौर स्थित आश्रम से गिरफ्तार हुए. उन पर आरोप लगा कि 15 अगस्त को उन्होंने राजस्थान के जोधपुर स्थित मणाई आश्रम में  16 साल की लड़की के साथ रेप किया. लड़की के परिवार वालों ने 20 अगस्त को इसकी शिकायत दर्ज करवाई थी. आसाराम के खिलाफ आईपीसी की धारा 342, 376, 354-ए, 506, 509/34, जेजे एक्ट 23 व 26 और पोक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत केस दर्ज हुआ था.

इस मामले में आसाराम को निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कहीं भी जमानत नहीं मिली और वह तब से ही जोधपुर के सेंट्रल जेल में बंद हैं.

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