Co Sponsor
In association with
In association with
S M L

'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना में फर्जी आवेदनों की बाढ़

मंत्रालय को इस साल 30 लाख फर्जी फॉर्म मिले हैं. धोखेबाजों ने गरीबों को यह भरोसा दिलाकर फॉर्म बेचा है कि अगर उनकी बेटी है तो महज फॉर्म भरने से उन्हें सरकार की ओर से 2 लाख रुपए मिलेंगे

FP Staff Updated On: Dec 25, 2017 12:15 PM IST

0
'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना में फर्जी आवेदनों की बाढ़

'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. गरीबों के साथ बड़े स्तर पर हो रही धोखाधड़ी को रोकने में महिला और बाल विकास मंत्रालय को काफी दिक्कतें पेश आ रही हैं. केंद्र सरकार की अहम योजना 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के तहत लाखों के तादाद में फर्जी फॉर्म भरे जा रहे हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार मंत्रालय को इस साल 30 लाख फर्जी फॉर्म मिले हैं. धोखेबाजों ने गरीबों को यह भरोसा दिलाकर फॉर्म बेचा है कि अगर उनकी बेटी है तो महज फॉर्म भरने से उन्हें सरकार की ओर से 2 लाख रुपए मिलेंगे. जबकि सरकार ने इस योजना में ऐसी किसी बात का जिक्र नहीं किया है.

मंत्रालय को अधिकतर आवेदन उत्तर प्रदेश से मिले हैं. जबकि अक्टूबर-नवंबर में हिमाचल प्रदेश से ऐसे आवेदनों की संख्या में बाढ़ सी आ गई है. पंजाब से भी काफी संख्या में फॉर्म आए हैं.

मंत्रालय का दिल्ली के सीजेओ कॉम्प्लेक्स स्थित गोदाम ऐसे फर्जी आवेदनों से भर गया है. सरकार ने अलग-अलग माध्यमों में चलाए अभियान में कहा है कि 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना में ऐसे किसी प्रोत्साहन का जिक्र नहीं है.

मंत्रालय के मुताबिक, धोखाधड़ी करने वालों ने ऐसे फॉर्म 20 से 50 रुपए में बेचे हैं. गरीबों से कहा गया है कि अगर वो इसे भर देंगे तो उन्हें सरकार की तरफ से 2 लाख रुपए मिलेंगे. फॉर्म में लोगों ने अपनी निजी जानकारियां जैसे- बैंक, आधार कार्ड की जानकारी और फोटो साझा की हैं. समस्या के विकराल होने पर महिला और बाल विकास मंत्रालय ने कानून, गृह और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालयों के साथ नवंबर में बैठक की है. बैठक का उद्देश्य इस समस्या से निपटने का हल ढूंढना था.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
AUTO EXPO 2018: MARUTI SUZUKI की नई SWIFT का इंतजार हुआ खत्म

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi