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ब्रह्मोस इंजीनियर गिरफ्तारी: यूएस में मोटी सैलरी वाली नौकरी के लालच में की देश से गद्दारी

जांच कर रही उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है ब्रह्मोस इंजीनियर निशांत फेसबुक पर ‘नेहा शर्मा’ और ‘पूजा रंजन’ नाम से चल रहे दो फर्जी एकाउंट के जरिए पाकिस्तान के संदिग्ध खुफिया सदस्यों से संपर्क में था

Updated On: Oct 10, 2018 12:11 PM IST

FP Staff

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ब्रह्मोस इंजीनियर गिरफ्तारी: यूएस में मोटी सैलरी वाली नौकरी के लालच में की देश से गद्दारी

सोमवार को नागपुर से जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किए गए ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड के सीनियर सिस्टम इंजीनियर निशांत अग्रवाल को पाकिस्तानी हैंडलर ने अमेरिका में बड़े पैकेज पर एक जॉब देने का वादा किया था. इस मामले की जांच से जुड़े एक सूत्र ने इस बारे में मंगलवार को जानकारी दी.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, निशांत अग्रवाल से पूछताछ में पता चला है कि उसे पाकिस्तानी हैंडलरों ने शानदार नौकरी का वादा किया था. इन हैंडलरों ने निशांत के सामने खुद को महिला के तौर पर पेश किया और उसे हनी ट्रैप कर लिया. जांच कर रही टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है क्या निशांत को पाक हैंडलरों ने पैसे भी भी दिए हैं.

जांच कर रही उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है ब्रह्मोस इंजीनियर निशांत फेसबुक पर ‘नेहा शर्मा’ और ‘पूजा रंजन’ नाम से चल रहे दो फर्जी एकाउंट के जरिए पाकिस्तान के संदिग्ध खुफिया सदस्यों से संपर्क में था.

इस्लामाबाद से चलाए जा रहे फर्जी अकाउंट से था संपर्क

यूपी एटीएस के जांच अधिकारी ने अदालत से कहा कि अग्रवाल फेसबुक पर दो नामों ‘नेहा शर्मा’ और ‘पूजा रंजन’ से संचालित एकाउंट से संपर्क में था. एटीएस अधिकारी ने कहा कि ये एकाउंट इस्लामाबाद से चलाए जा रहे हैं और माना जा रहा है कि इन्हें पाकिस्तान के खुफिया सदस्य संचालित कर रहे हैं.

अधिकारी ने अदालत को बताया कि इस तरह के फर्जी खाते भारत में वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क साधने के लिए कथित रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं. अधिकारी ने कहा कि ‘बहुत संवेदनशील काम’ में लगे होने के बावजूद अग्रवाल इंटरनेट पर ‘लापरवाह’ था और उसने स्वयं को एक ‘आसान निशाना’ बना लिया. उन्होंने कहा कि अग्रवाल ‘लिंक्डइन’ पर भी सक्रिय था.

अधिकारी ने कहा कि आरोपी के निजी लैपटॉप पर बहुत गोपनीय सूचना मौजूद थी. उन्होंने कहा कि आरोपी के निजी लैपटॉप में पीडीएफ फॉरमेट में विशेष फाइलें मिली हैं. जांच अधिकारी ने कहा, ये सब शीर्ष गोपनीय सूचनाएं हैं जिन्हें अगर साझा किया जाए तो यह देश के लिए खतरा हो सकता है.

पुराने कंप्यूटर की भी हो रही है जांच

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एटीएस सूत्रों ने सोमवार को कहा था कि नागपुर स्थित उसके आवास से एक कम्प्यूटर जब्त किया गया है जिससे गोपनीय दस्तावेज मौजूद हैं. सूत्रों ने कहा कि अग्रवाल के रूड़की स्थित आवास से एक पुराना कंप्यूटर भी जब्त किया गया है और इसकी सामग्री की जांच की जा रही है.

उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र पुलिस की एटीएस इकाइयों ने संयुक्त कार्रवाई में सोमवार को अग्रवाल को ब्रह्मोस के वर्धा रोड केंद्र से पाकिस्तान को ‘तकनीकी सूचनाएं’ कथित रूप से लीक करने पर गिरफ्तार किया था. ‘ब्रह्मोस ऐरोस्पेस’ भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और रूस के ‘मिलिटरी इंडस्ट्रियल कनसोर्टियम’ का संयुक्त उपक्रम है.

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