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लड़की के साथ हिरासत में लिए गए मेजर गोगोई के मामले का सच क्या है

मेजर गोगोई को तमाम सवालों के जवाब देने हैं. इनमें एक सवाल यह है कि श्रीनगर के उस हिस्से में होटल रूम क्यों बुक कराया, जो अशांत क्षेत्र माना जाता है

Sameer Yasir Updated On: May 25, 2018 02:19 PM IST

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लड़की के साथ हिरासत में लिए गए मेजर गोगोई के मामले का सच क्या है

उस लड़की को लेकर असमंजस बरकरार है, जिसके साथ आर्मी के मेजर लीतुल गोगोई को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हिरासत में लिया था. बुधवार को श्रीनगर के एक होटल से मेजर गोगोई को हिरासत में लेते हुए पुलिस का दावा था कि दोनों के बीच शारीरिक संबंध की वजह से उन्होंने कार्रवाई की.

लड़की के पिता लगातार कह रहे हैं कि वो नाबालिग है. पिता के मुताबिक उसका जन्म 2001 में हुआ था. इस दावे की पुष्टि होटल मैनेजर ने की है, जहां लड़की के बारे में जानकारी दर्ज कराई गई थी. दूसरी तरफ कुछ पुलिस अधिकारियों का दावा है कि लड़की बालिग है. इसके लिए लड़की का आधार कार्ड पेश किया जा रहा है. हमने कुछ पुलिस अधिकारियों से गुरुवार को बात की थी, जो लड़की को नाबालिग बता रहे थे.

गोगोई पिछले साल सुर्खियों में आए थे. तब उन्होंने कश्मीर के शॉल बनाने वाले एक शख्स को आर्मी जीप की बोनट पर बांध दिया था. उसके बाद जीप को कई गांवों में लेकर गए थे. गोगोई के मुताबिक ऐसा उन्होंने पत्थरबाजों से बचने के लिए किया. सेना ने जांच की, जिसमें गोगोई के खिलाफ कुछ नहीं मिला. उन्हें बाद में सम्मानित भी किया गया.

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बुधवार की सुबह गोगोई को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया. वो श्रीनगर में डल लेक के नजदीक होटल में लड़की के साथ मिले थे. पुलिस के मुताबिक उन्होंने एक बिजनेसमैन के तौर पर चेक इन किया था. अभी तक साफ नहीं है कि वो या लड़की उस होटल में क्या कर रह थे. गोगोई पर किसी अपराध का चार्ज नहीं लगाया गया है.

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पत्थरबाज़ को जीप से बांधने वाले मेजर गोगोई थे.

गुरुवार को हम उस लड़की के गांव गए. हमें एक दो कमरों के टिन शेड वाले घर तक पहुंचाया गया, जहां परिवार रहता है. इनका घर 2014 की बाढ़ में बह गया था. पैसे नहीं थे. इसलिए वे कामचलाऊ घर में रह रहे हैं. परिवार को लेकर सुरक्षा कारणों से हम गांव का नाम नहीं बता रहे हैं.

हमारी उस घर में दो महिलाओं से मुलाकात हुई, जो बहुत डरी हुई थीं. उनमें से एक महिला लड़की की मां थी. उनका नाम नहीं बता सकते, इसलिए महमूदा नाम से आगे की कहानी जानें. महमूदा चुपचाप सुबक रही थीं. उन्होंने बताया कि वह लड़की चार बच्चों में सबसे बड़ी है. बुधवार की सुबह वो बैंक जाने के लिए निकली थी लेकिन फिर पता चला कि पुलिस स्टेशन में है.

महमूदा के मुताबिक, 'आर्मी मेजर और एक आदमी, जिसका नाम समीर माला है, घर आए थे. समीर भी सेना में ही है. महमूदा के मुताबिक, ‘एक बार वो आधी रात को आया. दरवाजा जोर-जोर से खटखटा रहा था. मैं बेहोश हो गई. दूसरी बार करीब शाम सात बजे आया. उसके साथ समीर था. आर्मी अफसर ने पूछा कि क्या उसे कोई परेशान कर रहा है? हमें ताज्जुब हुआ और हमने बताया कि ऐसा कोई मसला नहीं है.’ यह अभी तक साफ नहीं है कि दोनों लोग परिवार से मिलने क्यों आए?

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महमूदा ने कहा, ‘मेरी बेटी भोली है, उसका कोई कसूर नहीं है. आर्मी मेजर से उसका कोई लेना-देना नहीं है. मुझे नहीं पता कि वो श्रीनगर कैसे पहुंची. वो नाबालिग है. वो 2001 के आखिर में पैदा हुई थी. आर्मी मेजर और दूसरे आदमी को उसका फायदा उठाने के लिए सजा दी जानी चाहिए.’

हालांकि महमूदा ऐसा कोई सबूत पेश कर पाने में नाकाम रहीं, जो उनकी बेटी की उम्र का दस्तावेज हो. उनके मुताबिक लड़की दसवीं में फेल हो गई थी. वो सेल्फ-हेल्प ग्रुप में काम करती है. इसे जॉइन करने में समीर ने मदद की थी.

श्रीनगर में पुलिस सहित कोई भी लड़की की सही उम्र रिकॉर्ड पर आकर बताने के लिए तैयार नहीं है. बुधवार को कुछ पुलिस अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि लड़की नाबालिग है. गुरुवार को एक सीनियर अफसर ने हमसे कहा कि वो यकीनन बालिग है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि मेजर गोगोई के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता. उन्होंने कहा, ‘ऐसा लगता है कि दो बालिग आपसी सहमति से एक साथ थे.’

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द ट्रिब्यून के मुताबिक लड़की अपनी मर्जी से होटल में आई थी. वो मेजर के साथ वक्त बिताना चाहती थी. अखबार ने एक सूत्र के हवाले से कहा है कि लड़की ने अपना आधार कार्ड मजिस्ट्रेट को दिखाया, जिसमें उसका जन्म 1999 का दिखाया गया है. हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि गोगोई को तमाम सवालों के जवाब देने हैं. इनमें एक सवाल यह है कि श्रीनगर के उस हिस्से में होटल रूम क्यों बुक कराया, जो अशांत क्षेत्र माना जाता है. इस तरह उन्होंने अपनी और दूसरों की जिंदगी खतरे में डाली. अभी यह भी साफ नहीं है कि उन्होंने होटल में बुकिंग की जानकारी अपनी यूनिट को दी थी या नहीं.

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कहा जा रहा है कि उन्होंने पुलिस से कहा कि वो एक सोर्स से मिलने होटल आए थे. आर्मी अधिकारियों के लिए यह आम नहीं है कि वे होटलों में या प्राइवेट घरों में रुकें. हालांकि गोगोई के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है लेकिन पुलिस ने मामले की रिपोर्ट तैयार की है. एक सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘हमने जांच शुरू कर दी है. हमें उम्मीद है कि आर्मी हमारे साथ सहयोग करेगी, ताकि मामले का सच सामने आ सके.’

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