विधानसभा चुनाव | गुजरात | हिमाचल प्रदेश
S M L

आर्मी चीफ बिपिन रावत : सर्जिकल स्ट्राइक का मकसद सफल रहा

आर्मी चीफ ने कहा है कि सुझावों के लिये शिकायत पेटी बनाई जाएगी

FP Staff Updated On: Jan 13, 2017 03:38 PM IST

0
आर्मी चीफ बिपिन रावत : सर्जिकल स्ट्राइक का मकसद सफल रहा

सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉफ्रेंस के जरिए सेना के जवानों को संदेश दिया. सेनाध्यक्ष का ये संदेश जवानों के सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई वीडियो डालने के बाद आया है.

बिपिन रावत ने अपने संदेश में जवानों से कहा कि, वे सोशल मीडिया में शिकायत न डालें. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी मुख्यालयों पर शिकायत पेटी होगी, जहां सिपाही अपनी शिकायत डाल सकते हैं.

उन्होंने कहा, जवान सीधे मुझसे शिकायत करें. उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी. सोशल मीडिया दुधारी तलवार है और उसका इस्तेमाल समझदारी से करना चाहिए.

बिपिन रावत के अनुसार, लोगों की सुरक्षा सेना की प्राथमिकता है. सोशल मीडिया पर शिकायत डालने से सुरक्षा में खतरा पैदा होगा. अपनी बात को उन्होंने कुछ इस तरह से समझाया.

'मैं ये कहना चाहुंगा कि एक सैनिक एक सैनिक होता है, अगर वो अपने नाम के साथ मुझे अपनी शिकायत भेजता है तो हम ध्यान रखेंगे कि बाद में उनका नाम डिलीट किया जाए लेकिन मैं चाहुंगा कि एक सैनिक-सैनिक की तरह बर्ताव करे और अपनी पहचान के साथ शिकायत करे, ताकि हम उनकी शिकायतों पर सुनवाई कर सके.'

जनरल रावत ने कहा कि, 'मैं इस बात का पूरा ध्यान रखुंगा कि उस जवान या अफसर की पहचान गुप्त रखी जाए. उस जवान की जानकारी सिर्फ मुझे और मेरे पर्सनल स्टाफ को होगी और अगर उसकी पहचान लीक होती है तो मुझे पता चल जाएगा कि ये कहां  से और किसने किया है.'

मीडिया से सहयोग

सेनाध्यक्ष ने मीडिया से भी सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा. 'मीडिया से भी इस बात की उम्मीद करुंगा कि वे लोगों के सामने ऐसी मानवीय कहानी लेकर जाएं जिस पर हम सब गर्व कर सकें.'

उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसी घटना जिसकी जांच जरूरी हो और जिसके बारे में उन्हें बताया जाएगा वे उसकी पूरी जांच कराएंगे. जवानों की तरफ उठाई गई शिकायतें सही हैं लेकिन वो जिस तरह से उठायी गई वो गलत है.

Bipin Rawat

जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख

उनका कहना था कि वे पूरी कोशिश कर रहे हैं कि सिस्टम के भीतर बातचीत हो और शिकायतों को सुना जाए. अगर वो सिस्टम टूटता है या कारगर नहीं होता है तो वे उसे ठीक या बेहतर करने की पूरी कोशिश करेंगे.

उनके मुताबिक ये कम्यूनिकेशन फेल होने का मामला कम, बातचीत सही स्तर पर न उठाए जाने का मामला ज्यादा है. इन्हीं जगहों पर 'बड्डी' सिस्टम काम आता है जो सैनिकों की बात को फिर से अफसर तक पहुंचाता है.

देश में 12 लाख सैनिक हैं और सेना की कोशिश रहती है कि वो सबकी परेशानियों को दूर करें, लेकिन किसी न किसी को शिकायत तो रह ही जाती है.

तकनीक पर ध्यान

सेनाध्यक्ष के मुताबिक हम अपनी सेना का ध्यान रखते हुए सिर्फ मानवीय पहलू पर ध्यान देते रहे हैं, अब समय आ गया है कि हमें बेहतर तकनीक पर भी ध्यान दें. हमें अपने सैनिकों को राहत देने के लिए न सिर्फ तकनीक का सहारा लेने की जरुरत बल्कि हमारे सैनिकों को तकनीक का इस्तेमाल करने के लिए ट्रेनिंग देने की भी जरुरत है.

सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे पर बोलते हुए जनरल बिपिन रावत ने ये कहा,'जिस देश के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक होगा वो भी किसी न किसी रुप में प्रतिक्रिया देगा. लेकिन अब हालात बेहतर हुए हैं, हमारा मकसद पड़ोसी देश को ये बताना था कि सीजफायर उल्लंघन होने पर या गाहे-बगाहे होने वाले हमले न रुकने पर हम भी कार्रवाई कर सकते हैं, और हमारा ये मकसद सफल हुआ है.'

सेनाध्यक्ष ने आगे कहा, 'किसी भी देश के साथ युद्ध करने या युद्ध पर जाने का फैसला सेनाध्यक्ष का न होकर सरकार का होता है. इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता.'

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi