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आर्मी में गे सेक्स की परमिशन नहीं दे सकते, LGBT के मामले आर्मी एक्ट के अधीन: जनरल रावत

रावत ने कहा कि आर्मी कानून से ऊपर नहीं है लेकिन आर्मी में एलजीटीबीटी से जुड़े मुद्दों से आर्मी एक्ट के तहत डील किया जाएगा

Updated On: Jan 10, 2019 05:33 PM IST

FP Staff

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आर्मी में गे सेक्स की परमिशन नहीं दे सकते, LGBT के मामले आर्मी एक्ट के अधीन: जनरल रावत

आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने गुरुवार को दिल्ली में अपनी वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. यहां उन्होंने कई मुद्दों पर बात की. इस दौरान उन्होंने आर्मी में एलजीबीटी मामलों पर भी बयान दिया.

बिपिन रावत ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से गे सेक्स का गैर अपराधीकरण के फैसले को आर्मी में अनुमित न देने की बात की. उन्होंने कहा कि आर्मी में गे सेक्स को अनुमति नहीं दी जा सकती. उन्होंने कहा कि 'आर्मी में ऐसे काम निषेध हैं. हम ये सबकुछ आर्मी में नहीं होने देंगे.'

उन्होंने ये भी कहा कि आर्मी कानून से ऊपर नहीं है लेकिन आर्मी में एलजीटीबीटी से जुड़े मुद्दों से आर्मी एक्ट के तहत डील किया जाएगा.

आर्मी चीफ ने एडल्टरी पर बयान दिया. उन्होंने कहा कि चूंकि आर्मी कंजर्वेटिव है, इसलिए आर्मी में ऐसे मामले भी होने नहीं दिया जा सकते.

पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक संबंधों और एडल्टरी कानून को ध्वस्त कर दिया था.

इस बीच आर्मी चीफ ने कई मुद्दों पर बात की. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर बेहतर काम किया है. उन्होंने कश्मीर मको लेकर कहा कि सेना स्थिति को सुधारने के लिए सख्त और नरम रवैया दोनों रवैया अपना रही है लेकिन स्थिति और सुधारे जाने की जरूरत है.

अपने तालिबान से बातचीत के बयान को भी स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि अगर दुनिया के देश तालिबान के साथ बातचीत कर रहे हैं और अफगानिस्तान में भारत के हित हैं तो हमे भी इसमें शामिल होना चाहिए.

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