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आतंकवाद से निपटने के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध की जरूरतः आर्मी चीफ

बिपिन रावत ने कहा कि आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए आतंकवाद का समर्थन करने वाले राष्ट्रों और आतंकवादियों की पहचान करना जरूरी है

FP Staff Updated On: Jan 17, 2018 01:36 PM IST

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आतंकवाद से निपटने के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध की जरूरतः आर्मी चीफ

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने बुधवार को कहा कि आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत है.

रायसीना डायलॉग में बोलते हुए उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि एक लोकतांत्रिक देश में लोगों को प्रतिबंध की बात से समस्या हो सकती है, लेकिन आतंकवाद से निपटने के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करना महत्वपूर्ण है.

उन्होंने आगे कहा कि आतंकवाद के दो पक्ष हैं - आतंकवादी और राजनीतिक. दोनों से निपटना महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि कई लोग यह तर्क दे सकते हैं कि राजनीतिक संगठनों पर प्रतिबंध लगाने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि वे आतंकवादी गतिविधियों में सीधे तौर पर शामिल नहीं होते हैं, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वे इसका समर्थन करते हैं.

इसके अलावा आतंकवाद का मुकाबला करने के तरीके पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद का समर्थन करने वाले राष्ट्र कौन हैं और कौन आतंकवादी, इसकी पहचान करना जरूरी है.

जनरल रावत ने कहा कि जो कोई भी किसी चीज को खत्म करने के लिए हिंसा का उपयोग करता है, वह आतंकवादी है. हमें उन राष्ट्रों की पहचान करने की आवश्यकता है जिनके पास आतंकवाद का समर्थन करने के लिए एक राज्य-प्रायोजित नीति है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रों को अपना काम करना चाहिए, हालांकि इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय समर्थन भी होना चाहिए, फिर भी एक देश को अपने आतंकवादियों का मुकाबला करने के लिए काम करते रहना चाहिए.

सेना प्रमुख ने यह भी कहा कि यह पहचानना महत्वपूर्ण है कि आतंकवादियों को कहां से धन मिलता है और कहां अफीम और कैनबिस बढ़ती हैं.

सेना प्रमुख ने जैविक रासायनिक हथियारों के महत्व और इसके साथ आने वाले खतरे को बताते हुए कहा कि जब तक सारे देश एक साथ नहीं आ जाते, तब तक आतंकवाद रहेगा.उन्होंने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि आतंकवाद का समर्थन करने वाले राष्ट्र अंततः इसका शिकार हो जाते हैं. इसलिए यदि आप एक सुरक्षित घर चाहते हैं तो इसे समाप्त करने की दिशा में काम करना चाहिए.

आतंकवाद के मीडिया कवरेज पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को हीरो नहीं बनाया जाना चाहिए. जितनी अधिक आप आतंकवादी गतिविधियों को कवरेज देंगे, उतना ही आप इसे लोकप्रियता देते हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि क्या हम मीडिया को नियंत्रित कर सकते हैं? हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि आतंकवादियों को हीरो न बनाया जाय.

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