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पुरुलिया हत्याकांड: दो दिन पहले मिली थी धमकी, अगले दिन लटका मिला BJP कार्यकर्ता का शव

मौत की घटनाओं के पीछे पुलिस खुदकुशी या आपसी दुश्मनी कारण बता रही है जबकि परिजन सीधा तृणमूल कांग्रेस पर आरोप मढ़ रहे हैं

Updated On: Jun 03, 2018 02:05 PM IST

FP Staff

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पुरुलिया हत्याकांड: दो दिन पहले मिली थी धमकी, अगले दिन लटका मिला BJP कार्यकर्ता का शव

पुरुलिया में शनिवार को दुलाल कुमार नाक के एक शख्स का शव बिजली टॉवर से लटका मिला. बीजेपी ने दावा किया है कि वह पार्टी का कार्यकर्ता था. वहीं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया.

इस घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. दुलाल की उम्र 35 साल बताई गई है. दुलाल के भाई ने एएनआई से कहा, 30 मई को कुछ बाइक सवारों ने उसे धमकी दी थी. उन लोगों ने उससे (दुलाल) किस पार्टी से जुड़े होने की बात पूछी. दुलाल ने बीजेपी का नाम लिया था. यह सुनने के बाद उसे जान से मारने की धमकी दी थी.

बंगाल पुलिस की एक अलग ही राय है. पुरुलिया के एसपी जॉय बिश्वास ने दुलाल की मौत को खुदकुशी बताया है. हालांकि उन्होंने जांच में सारी बात निकल कर सामने आने का भरोसा दिलाया है.

दुलाल के घरवाले खुदकुशी की बात को सिरे से खारिज कर रहे हैं. दुलाल कुमार की मौत की घटना से दो दिन पहले एक दलित युवक त्रिलोचन महतो (20) का शव 30 मई को पुरुलिया जिले के बलरामपुर में एक पेड़ से लटका मिला था. बीजेपी ने दावा किया था कि तृणमूल ने उसके दलित कार्यकर्ता महतो की हत्या की है. हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों से इनकार किया और इसे निराधार बताया.

फोटो पीटीआई से

फोटो पीटीआई से

एनएचआरसी ने त्रिलोचन महतो का शव पेड़ पर लटकता हुआ पाए जाने की घटना पर पश्चिम बंगाल सरकार को एक नोटिस भेजा है. बीजेपी महतो को अपना सदस्य बता रही है. आरोप है कि युवक को बुरी तरह से पीटा गया था.

आयोग ने एक बयान में कहा कि समाचार रिपोर्ट यदि सच है, तो यह पीड़ित के मानवाधिकारों का पूरा उल्लंघन है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को एक नोटिस जारी किया गया है और एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है.

पिछले दो हफ्ते में दो लोगों की मौत को लेकर प्रदेश बीजेपी ने रविवार को 12 घंटे का बंद बुलाया है. प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने इस 'हत्याकांड' में सीबीआई जांच की मांग की है.

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं के ‘लक्षित हत्या’ में शामिल है. मंत्री ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ संगठित विपक्ष में शामिल है और इसलिए यह ‘संगठित विपक्ष’ है जो बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या में शामिल है.

स्मृति ने अहमदाबाद में पत्रकारों से कहा कि वह उन लोगों की तरफ इशारा करना चाहती हैं कि पश्चिम बंगाल में न केवल लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है बल्कि वे बीजेपी कार्यकर्ताओं के लक्षित हत्या में शामिल हैं.

दुलाल के परिजनों ने इंडिया टुडे को बताया कि वह (दुलाल) शुक्रवार से लापता था. पुलिस में एक रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई लेकिन उसे ढूंढा नहीं जा सका. परिजनों ने पुलिस के खुदकुशी वाले बयान को नकार दिया है.

दुलाल की मां सूरज मोनी ने कहा, 'कुछ लोगों ने उसे धमकाते हुए नेतागिरी न करने की बात कही थी. इस साल उसने बजरंग दल जॉइन किया था.'

दुलाल की सलहज ने इंडिया टुडे से कहा, यह खुदकुशी कैसे हो सकती है? उसे किसी से कोई परेशानी नहीं थी. वह घर से जाते समय बोलकर गया कि खाने के वक्त तक आ जाएगा. तृणमूल के काडरों ने उसे मार दिया.

ऑप इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने अभी हाल में एक बयान दिया था कि 'वे पुरुलिया को विपक्ष मुक्त बना देंगे.' उनके इस बयान के अगले दिन बीजेपी कार्यकर्ता त्रिलोचन दास की हत्या कर दी गई. त्रिलोचन की टी-शर्ट पर लिखा गया था कि बीजेपी के लिए काम करने की यही सजी होगी.

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