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श्रद्धांजलि सभा के सांप्रदायिकरण का आरोप, दो चैनलों को नोटिस

अंकित सक्सेना की मौत के बाद श्रद्धांजलि सभा की गलत रिपोर्टिंग का दिल्ली सरकार के सीएम दफ्तर ने दो बड़े मीडिया चैनलों को नोटिस भेजा है.

Updated On: Feb 14, 2018 10:20 PM IST

FP Staff

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श्रद्धांजलि सभा के सांप्रदायिकरण का आरोप, दो चैनलों को नोटिस

अंकित सक्सेना की मौत के बाद श्रद्धांजलि सभा की गलत रिपोर्टिंग करने पर दिल्ली सरकार ने दो बडे मीडिया चैनलों को नोटिस भेजा है. मुख्यमंत्री दफ्तर की ओर से जारी लेटर में दोनों न्यूज चैनलों पर मुद्दे के सांप्रदायिकरण का आरोप है.

अंकित सक्सेना को कुछ दिन पहले ऑफिस से घर लौटने के दौरान हत्या कर दी गई. कथित तौर पर मामला ऑनर किलिंग का था. लव- अफेयर को लेकर प्रेमिका के पिता ने अंकित की गला रेत कर हत्या कर दी थी. पिछले तीन साल से अंकित और 20 साल की मुस्लिम लड़की के बीच लव-अफेयर चल रहा था. लेकिन लड़की के परिवार को उनका ये रिश्ता मंजूर नहीं था जिसके चलते उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया.

मुद्दे पर राजनीति शुरू 

अंकित सक्सेना हत्या के बाद सभी पार्टियां इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में जुटी हुई हैं. दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने अंकित के परिजनों को पांच लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है. हालांकि मुआवजे की इस राशि से मृतक के परिजन खासे नाराज हैं. परिजनों की मांग है कि उन्हें सम्मानजनक धनराशि मिलनी चाहिए.

इसी बीच अंकित सक्सेना की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया. इस सभा में राजनीति से जुड़े कई लोग मौजूद थे. हिंदू वाहिनी के नेता और अंकित सक्सेना के चचेरे भाई ने अंकित के परिवार को मिल रहे मुआवजे पर सवाल उठाए. इसके अलावा प्रार्थना सभा में मौजूद दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी केजरीवाल सरकार को आड़े हाथों लिया.

तिवारी ने अंकित के परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने की मांग की. मनोज तिवारी ने कहा कि अगर दिल्ली सरकार एमएम खान की मौत पर एक करोड़ रुपए दे सकती है तो अंकित सक्सेना के परिवार वालों को क्यों नहीं. उन्होंने कहा कि अंकित सक्सेना की मौत पर पांच लाख रुपए देकर दिल्ली सरकार साम्प्रदायिक भेदभाव कर रही है.

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