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विवेक तिवारी हत्‍याकांड : बीजेपी हेडक्‍वार्टर से सीएम योगी को मिली नसीहत, मांगे पूरी करने का दिया गया निर्देश

बैठक में पार्टी के शीर्ष नेताओं ने योगी आदित्यनाथ को तुरंत इस मामले पर संज्ञान लेकर पीड़ित परिवार की मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की सलाह दी है

Updated On: Sep 30, 2018 02:01 PM IST

FP Staff

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विवेक तिवारी हत्‍याकांड : बीजेपी हेडक्‍वार्टर से सीएम योगी को मिली नसीहत, मांगे पूरी करने का दिया गया निर्देश

बीते शुक्रवार को आधी रात में लखनऊ के गोमतीनगर में एपल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर की कॉन्स्टेबल द्वारा गोली मारकर की गई हत्या के मामले में अब योगी सरकार निशाने पर आ गई है. यही कराण है कि केंद्र भी इस मुद्दे पर काफी गंभीर हो गई है. इस घटना के बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी के शीर्ष नेताओं से दिल्ली में मुलाकात की. सूत्रों की मानें तो इस बैठक में विवेक तिवारी हत्याकांड पर विस्तार से चर्चा की गई है. सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में पार्टी के शीर्ष नेताओं ने योगी आदित्यनाथ को तुरंत इस मामले पर संज्ञान लेकर पीड़ित परिवार की मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की सलाह दी है. सूत्रों के मुताबिक सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार शाम तक पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सकते हैं.

अमित शाह के घर पर हुई बैठक

वहीं रविवार सुबह यूपी के मंत्री ब्रजेश पाठक और आशुतोष टंडन ने लखनऊ में मृतक विवेक तिवारी के परिवार से मुलाकात की थी और उन्हें आश्वासन दिया था कि दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी. उस समय भी मृतक की पत्नी कल्पना तिवारी और उनके परिवार के बाकी सदस्य सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने की जिद पर अड़े हुए थे. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में हुई बैठक में योगी आदित्यनाथ के अलावा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, संगठन सचिव सुनील बंसल, सांसद भूपेंद्र यादव, उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय और जिलाध्यक्ष दिनेश शर्मा मौजूद थे. यह बैठक अमित शाह के आवास पर रात 9.30 बजे से शुरू हुई थी और आधी रात को खत्म हुई.

यूपी में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी हुई चर्चा

सभी नेता अमित शाह के घर पर रात 8 बजे तक ही पहुंच चुके थे जबकि अमित शाह खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मीटिंग कर रात 9 बजे अपने आवास पर पहुंचे थे. आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव नजदीक है और यही वजह है कि उत्तर प्रदेश जैसे अहम राज्य में बीजेपी बहुत ही सावधानी बरत रही है. पार्टी नहीं चाहती कि इस मामले को मुद्दा बनाकर कोई भी विपक्षी दल उन पर हावी हो सके. विवेक तिवारी हत्याकांड के अलावा इस बैठक में सरकार के कामकाज का जनता के बीच कैसे प्रचार-प्रसार किया जाए, एससी-एसटी एक्ट का प्रभाव, तीन तलाक अध्यादेश और उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा की गई. रविवार सुबह ही योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम मौर्य लखनऊ लौट आए.

योगी आदित्यनाथ ने कहा ये कोई एनकाउंटर नहीं

आपको बता दें कि जब शनिवार को योगी आदित्यनाथ से पूछा गया कि वह इस मर्डर केस को कैसे देखते हैं तो उन्होंने कहा था कि यह कोई एनकाउंटर नहीं है. इस मामले की पूरी जांच हो रही है. अगर जरूरत पड़ेगी तो सीबीआई की जांच कराई जाएगी. वहीं विवेक तिवारी हत्याकांड के बाद उनकी पत्नी की मांगों को सरकार ने मान लिया है. लखनऊ के डीएम ने कहा कि- 'परिवार द्वारा लिखित में दी गई सारी मांगों को मंजूरी दे दी गई है. अगर वे सीबीआई जांच चाहते हैं, तो इसे भी शुरू किया जाएगा. मृतक की पत्नी को नौकरी और मुआवजे के रूप में 25 लाख रुपए दिए जाएंगे. इसके साथ ही जांच 30 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी.' विवेक तिवारी की मौत पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि इस तरह की घटना के बारे में सोचा नहीं जा सकता है. यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन यूपी में बीजेपी सरकार से और अपेक्षा भी क्या की जा सकती है. सरकार के अंदर ही अनगिनत फर्जी एनकाउंटर हो रहे हैं.

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