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AP: नहीं मिली एंबुलेंस, गर्भवती को चादर में उठाकर पहुंचाया अस्पताल

गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उसके परिवारवालों ने एंबुलेंस के लिए 108 नंबर डायल किया. लेकिन अस्पताल ने खराब रास्ते का हवाला देते हुए वहां एंबुलेंस भेजने से इनकार कर दिया

FP Staff Updated On: Jun 10, 2018 11:47 AM IST

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AP: नहीं मिली एंबुलेंस, गर्भवती को चादर में उठाकर पहुंचाया अस्पताल

हम देश में विकास को लेकर चाहे कितने ही बड़े-बड़े दावे क्यों न कर लें, मगर हर बार कोई न कोई एक ऐसा मामला सामने आ ही जाता है जो इन तमाम दावों की पोल खोलकर रख देता है.

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमे प्रसव पीड़ा से जूझ रही गर्भवती महिला को चादर से बनाए गए स्ट्रेचर में अस्पताल पहुंचाया गया.

ये मामला कोटाउरतला गांव का है. गर्भवती महिला को शुक्रवार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो उसके परिवारवालों ने एंबुलेंस के लिए 108 नंबर डायल किया. लेकिन अस्पताल ने खराब रास्ते का हवाला देते हुए एंबुलेंस भेजने से इनकार कर दिया. गर्भवती महिला के घर से नजदीकी अस्पताल 10 किलोमीटर दूर है.

किसी तरह की मदद नहीं मिलने पर गर्भवती महिला के परिवारवालों ने चादर को स्ट्रेचर की तरह उपयोग कर महिला को अस्पताल ले गए. उन्होंने बेडशीट पर महिला को लिटाया और बेडशीट के चारों कोनों को पकड़कर 6 किलोमीटर की दूरी तय की. गनीमत थी कि आखिरी के 4 किलोमीटर के लिए उन्हें ऑटो रिक्शा मिल गया.

इन इलाकों में क्यों उपलब्ध नहीं होती स्वास्थ्य सेवाएं

विशाखापट्टनम जिले के आधे से ज्यादा अनुसूचित जनजाति के इलाकों में खराब रास्तों की वजह से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं.

इलाके की विधायक और तेलगूदेशम पार्टी (टीडीपी) की नेता अनीता ने इस मामले में प्रतिक्रिया देने से इनकार किया है. वहीं गाइनोकॉलजिस्ट डॉ. सुनिथा ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य मंत्री के न होने की वजह से ऐसा होता है. डॉ. सुनिथा ने कहा, 'सरकार को चाहिए कि तुरंत स्वास्थ्य मंत्री की नियुक्ति करें.'

(साभार: न्यूज़18)

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