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राजस्थान: गांव वालों ने कहा- गौ तस्कर नहीं डेयरी किसान था मारा गया उमर

बीते शुक्रवार को तड़के गाय लेकर जा रहे तीन मुस्लिम युवकों पर गोविंदगढ़ गांव में अज्ञात लोगों ने हमला बोल दिया था जिसमें ताहिर की गोली लगने से मौत हो गई थी

FP Staff Updated On: Nov 14, 2017 03:15 PM IST

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राजस्थान: गांव वालों ने कहा- गौ तस्कर नहीं डेयरी किसान था मारा गया उमर

राजस्थान के अलवर में गाय ले जा रहे एक मुस्लिम युवक की संदिग्ध मौत पर पुलिस का कहना है कि वो पशु तस्कर था. जबकि मारे गए मुस्लिम युवक के गांव वाले उसे डेयरी किसान बता रहे हैं. अलवर में गाय ले जा रहे कुछ मुस्लिम युवकों की पिक वैन पर हमला था, जिसमें एक मुस्लिम युवक की मौत हो गई थी.

अलवर पुलिस ने रविवार को शुरूआती तौर पर यह दावा किया था कि शुक्रवार सुबह हुई घटना में गोरक्षकों ने गोली नहीं चलाई थी. इस घटना में उमर नाम के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. पुलिस ने आरोप लगाया है कि गोविंदगढ़ की इस घटना में जिन तीन लोगों उमर, ताहिर और जावेद पर हमला हुआ वो सभी पशु तस्कर थे.

मगर भरतपुर जिले के घाटमिका गांव में उमर के पड़ोसियों से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि वो लोग डेयरी किसान हैं. हमले में जिंदा बचे ताहिर ने बताया कि उसे गोली मारी गई थी, सबूत के तौर पर उसने अपनी बांह में लगी गोली को अपने पास रखा है.

ताहिर ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि गुरुवार को दोपहर में वो लोग अपने घर से गाय खरीदने के लिए निकले थे. मैंने और उमर ने दौसा से पांच गायें खरीदी. जिसके बाद उसी दिन रात को हम जावेद के साथ वापस घर जाने के लिए निकले. शुक्रवार को तड़के जब हम गोविंदगढ़ गांव से होकर गुजर रहे थे तो वहां एक घर के पीछे छिपकर बैठे 6 से 7 लोगों ने हम पर फायरिंग शुरू कर दी.

इस हमले में बाल-बाल बचे जावेद ने कहा, 'हड़बड़ाहट में ताहिर ने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया... लेकिन वो लोग बजाए हमारी बात सुनने के हम पर गोलियां बरसाते रहे. मैं अपनी जान बचाने के लिए दौड़कर झाड़ियों में जा छिपा. उन्होंने हमारा पीछा किया मगर मैं अंधेेरे में अपनी जान बचाने में कामयाब रहा'. 24 साल का जावेद उस पिक अप ट्रक को चला रहा था जिसमें वो लोग गायों को लेकर जा रहे थे. हालांकि, जावेद की तरह उमर खुशकिस्मत नहीं रहा. गोली लगने से उसकी मौत हो गई.

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पिछले कुछ समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में गोरक्षा के नाम पर कई लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है

डॉक्टर द्वारा अपनी बांह से निकाली गई गोली को दिखाया

ताहिर ने बताया कि गाड़ी में वो बीच में बैठा हुआ था. उमर उसकी बाईं ओर बैठा था. हमला होने पर उसने ट्रक का गेट खोलकर भागने की कोशिश की मगर वो वहीं लुढ़क गया. मैं किसी तरह से भागने में कामयाब रहा. ताहिर ने इस दौरान डॉक्टर द्वारा अपनी बांह से निकाली गई गोली को दिखाया.

ताहिर ने कहा कि उन्होंने (गोरक्षकों) अपनी बंदूक के पिछले हिस्से को उसकी सिर पर मारा जिससे वो नीचे गिर गया. इसके बाद एक आदमी आकर मेरा पांव मरोड़ने लगा मगर तभी दूसरे ने उससे कहा, 'राकेश, ये (उमर) तो मर गया है, ये (ताहिर) भी मर जाएगा. इतना सुनते ही मैं बेहोश हो गया.'

ताहिर ने बताया कि लगभग घंटे भर बाद जब उसे होश आया तो वो पीछे मुड़े बगैर बेहताशा भागने लगा. इस दौरान एक मोटरसाइकिल वाले को देखकर उसने उसे रोक कर कहा कि वो जख्मी है. उस व्यक्ति ने मुझे मेरे गांव के पास ले जाकर छोड़ दिया. घर पहुंचने पर मेरे परिवार ने मुझे हरियाणा के फिरोजपुर झिरका के एक अस्पताल में भर्ती कराया.

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