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अस्थाना के खिलाफ FIR दर्ज करने में कानूनी प्रक्रिया का पालन हुआ: आलोक वर्मा

वर्मा के वकील ने दावा किया कि एफआईआर रद्द करने की मांग वाली अस्थाना की याचिका में वर्मा पर लगाए गए द्वेषपूर्ण मंशा के आरोप झूठे हैं और इसलिए यह याचिका खारिज की जानी चाहिए.

Updated On: Dec 14, 2018 10:29 PM IST

Bhasha

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अस्थाना के खिलाफ FIR दर्ज करने में कानूनी प्रक्रिया का पालन हुआ: आलोक वर्मा

सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा कि रिश्वत के आरोपों पर विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते वक्त अनिवार्य कानूनी प्रक्रियाओं का पालन हुआ है. वर्मा के वकील ने दावा किया कि एफआईआर रद्द करने की मांग वाली अस्थाना की याचिका में वर्मा पर लगाए गए द्वेषपूर्ण मंशा के आरोप झूठे हैं और इसलिए यह याचिका खारिज की जानी चाहिए.

वहीं, अस्थाना के वकील ने न्यायमूर्ति नजमी वजीरी से कहा कि उन्हें द्वेषपूर्ण तरीके से परेशान किया गया और उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं हैं. उन्होंने कहा कि सीबीआई ने अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से पहले केंद्र सरकार से मंजूरी नहीं ली जबकि भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 17ए के तहत यह अनिवार्य है.

इस पर वर्मा के वकील अमित सिब्बल ने दलील दी कि कानून की धारा 17ए किसी सरकारी अधिकारी के जरिए रिश्वत लेने के कदाचार को शामिल नहीं करती. अदालत ने इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए 20 दिसंबर की तारीख तय की.

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने हैदराबाद के व्यवसायी सतीश बाबू सना की याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा. याचिका में सना ने रिश्वत संबंधी आरोपों में विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने से संबंधित एक मामले में अपना पक्ष रखने की अनुमति देने का अनुरोध किया था.

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