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राष्ट्रपति मांगें माफी या दीक्षांत समारोह में न आएंः AMU छात्र संघ

राष्ट्रपति ने 2010 में बीजेपी प्रवक्ता के तौर पर कहा था कि ईसाई और मुस्लिम देश के लिए एलियन है, उनके इसी बयान को लेकर सारा विवाद खड़ा हुआ है

Updated On: Mar 01, 2018 10:08 AM IST

FP Staff

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राष्ट्रपति मांगें माफी या दीक्षांत समारोह में न आएंः AMU छात्र संघ

7 मार्च को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में दीक्षांत समारोह में भाग लेना है. इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति को बुलाए जाने को लेकर पहले ही विवाद हो चुका है. अब इस मामले में नया मोड़ आता दिख रहा है. एएमयू के छात्र संघ के नेताओं ने राष्ट्रपति से उनके 2010 के बयान पर माफी मांगने की मांग की है. छात्र संघ उपाध्यक्ष ने कहा है कि या तो वो माफी मांगें या दीक्षांत समारोह में शामिल न होएं.

रंगनाथ मिश्रा कमीशन की रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए साल 2010 में राष्ट्रपति कोविंद ने कहा था कि मुस्लिम और ईसाई (क्रिश्चन) देश के लिए एलियन हैं. रंगनाथ मिश्रा कमीशन ने सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़े धार्मिक व भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए 15 फीसदी आरक्षण (10 फीसदी मुस्लिमों के लिए व 5 फीसदी अन्य अल्पसंख्यकों के लिए) की सिफारिश की थी.

इस पर टिप्पणी करते हुए कोविंद ने कहा था कि ये संभव नहीं है क्योंकि मुस्लिम व ईसाइयों को अनुसूचित जाति में शामिल करना गैर-संवैधानिक होगा. कोविंद उस समय बीजेपी के प्रवक्ता थे. जब कोविंद से पूछा गया कि फिर सिक्खों को उसी वर्ग में कैसे आरक्षण दिया जाता है. तो उन्होंने कहा कि 'इस्लाम व ईसाईयत देश के लिए बाहरी हैं'

राष्ट्रपति के दौरे का विरोध करते हुए छात्र संघ उपाध्यक्ष सजाद सुभान ने कहा कि या तो वो 2010 में दिए गए बयान पर अपनी गलती को स्वीकार करें या समारोह में शामिल न हों.

छात्र नेता ने यह भी कहा कि उनके समारोह में शामिल होने से कुछ गलत होता है तो इसके लिए राष्ट्रपति और कुलपति खुद जिम्मेदार होंगे. छात्रों में उनके उस बयान को लेकर गुस्सा है.

32 साल बाद कोई राष्ट्रपति ले रहा एएमयू दीक्षांत समारोह में हिस्सा

7 मार्च को एएमयू का 65वां दीक्षांत समारोह होना है. एएमयू के कुलपति तारिक मंसूर ने 19 फरवरी को बताया था कि राष्ट्रपति ने दीक्षांत समारोह में आने के लिए विश्वविद्यालय का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है.

ऐसा 32 साल बाद पहली बार हो रहा है जब देश के राष्ट्रपति एएमयू के दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनेंगे. इससे पहले 1986 में तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने एएमयू के दीक्षांत समारोह में शिरकत की थी.

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