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अलाउद्दीन खिलजी: ऐसा सुल्तान जो ढंग से मुस्लिम भी नहीं बन सका

1296 में अलाउद्दीन खिलजी ने अपने चाचा जलालुद्दीन खिलजी और ससुर की हत्या करने के बाद दिल्ली की गद्दी पर राज किया

Updated On: Jan 24, 2018 09:54 PM IST

FP Staff

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अलाउद्दीन खिलजी: ऐसा सुल्तान जो ढंग से मुस्लिम भी नहीं बन सका

'मेरे राज्य के हित में जो भी होता है मैं वो करता हूं मैं शरीयत की परवाह नहीं करता.' ये बयान अलाउद्दीन खिलजी ने उस वक्त दिया था जब क़ाज़ी मुगसुद्दीन ने कहा था कि सुल्तान आप शरीयत के नियमों का पालन नहीं करते.

इतिहासकारों के साथ ये समस्या है कि वो चीज़ों को उलझा देते हैं. लेकिन कई बार लोगों की धारणाएं इतिहास की चीज़ों को सुलझा देती है. खास कर टीवी चैनल और नारे लगाते लोगों की नजरों में कोई भी शासक या तो कमज़ोर होता है या फिर बेहद ताकतवर, उदार या फिर बदमाश, किसी चीज़ के ख़िलाफ या फिर किसी चीज़ के साथ. लेकिन इतिहास समझना इतना आसान भी नहीं होता.

इन दिनों अलाउद्दीन खिलजी को लेकर भी कुछ ऐसा ही हो रहा है. उनकी ऐसी छवि बनाई जा रही है जो खूबसूरत लड़कियों के पीछे पड़ा रहता हो. अलाउद्दीन खिलजी के बारे में लोग कहते हैं कि वो हिंदू लड़कियों के पीछे पड़े रहते थे. लेकिन लोगों को अलाउद्दीन खिलजी की छवि के बारे कुछ और ज्यादा जानने की जरुरत है.

1296 में अलाउद्दीन खिलजी ने अपने चाचा जलालुद्दीन खिलजी और ससुर की हत्या करने के बाद दिल्ली की गद्दी पर राज किया. किसी की हत्या कर गद्दी पर अधिकार जमाना इतिहास के लिए कोई नई बात नहीं है. अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी गद्दी को मंगोल के आक्रमण से बचाया था. उन दिनों दुनिया भर में चारों तरफ मंगोल का खौफ था. मंगोल की सेना ने मध्य एशिया को कब्जा करने के बाद यूरोप में भी दस्तक दे दी थी. लेकिन अलाउद्दीन खिलजी ने मंगोल पर पांच बार आक्रमण किया एक बार तो दिल्ली पहुंचने के बाद मंगोल को भागना पड़ा था.

उन दिनों जमींदार किसानों से ज्यादा टैक्स उसूलते थे. लेकिन अलाउद्दीन खिलजी ने इसे समाप्त कर एक टैक्स की प्रथा शुरू की थी. उन दिनों दिल्ली के बाज़ारों में चीज़ों की कीमत पर भी अलाउद्दीन खिलजी का नियंत्रण था. सुई से लेकर ऊंट हर चीज़ की कीमत खुद सुल्तान तय करते थे ताकि कोई भी व्यापारी कीमतें ज्यादा ना बढ़ा सके. दाम बढ़ाने या फिर कम वज़न तौलने पर दुकानदारों की चमड़ी उधेड़ ली जाती थी. हर तरफ अलाउद्दीन खिलजी का खौफ था.

1310 में जब अलाउद्दीन खिलजी का कब्जा पूरा उत्तर से पश्चिम और बंगाल तक पहुंच तो उन्होंने ऐसा करना चाहा जिससे कि लोग उन्हें याद रख सके. अलाउद्दीन खिलजी ने अपने एक करीबी अलाउल मुल्क से पूछा कि क्या वो भी पैगंबर मोहम्मद की तरह कोई नया धर्म बना सकते हैं. उन्होंने अलाउद्दीन खिलजी को सलाह दी कि ये सब चीजें अल्लाह के हाथों में होती है ना कि किसी इंसान के. खिलजी ने सलाह मान ली और नए धर्म बनाने का ख्याल छोड़ दिया.

यानी अलाउद्दीन खिलजी की छवि कई तरह की है. हमें उन्हें देखने के नज़रिए के बारे में सोचना होगा.

(न्यूज़18 के लिए हरबंस मुखिया की रिपोर्ट)

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