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'एयर इंडिया की बिगड़ी हालत के लिए यूपीए सरकार कसूरवार'

सीएमडी अश्विनी लोहानी ने कहा- कर्ज के भारी-भरकम बोझ से पार पाना एयर इंडिया के लिए मुश्किल

Bhasha Updated On: May 15, 2017 10:42 PM IST

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'एयर इंडिया की बिगड़ी हालत के लिए यूपीए सरकार कसूरवार'

एयर इंडिया के चीफ अश्विनी लोहानी ने एयरलाइंस के बिगड़े वित्तीय हालत की वजहें गिनाई हैं. लोहानी ने कहा कि कंपनी पर 48 हजार करोड़ रुपए के कर्ज का बोझ है जिससे पार पाना मुश्किल है. उन्होंने एयरलाइंस की खस्ता हालत के लिए यूपीए की सरकार को जिम्मेदार ठहराया.

अश्विनी लोहानी ने रविवार को फेसबुक पर यह बात लिखी. उन्होंने महाराजा की खराब होती हालत के लिये कंपनी और उसके कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराने वाले वैसे लोगों को आड़े हाथ लिया जिनका काम एयर कंडीशन कमरे में बैठकर सिर्फ आलोचना करना होता है.

Ashwani Lohani

एयर इंडिया के सीएमडी अश्विनी लोहानी का फेसबुक पेज जिसमें उन्होंने आर्थिक दिक्कतों की वजहें गिनाई हैं

लोहानी ने लिखा कि ‘एयर इंडिया की खराब वित्तीय स्थिति के लिये पूर्व सरकार के दोनों संगठनों के विलय समेत अन्य गलत फैसले जिम्मेदार हैं. इसकी वजह से कंपनी पर कर्ज का बोझ बढ़ता गया. अब यह इतना अधिक है कि इससे पार पाना मुश्किल है. यह सभी समस्या का कारण है.’

10 साल के लिए 30 हजार करोड़ का बेल आउट पैकेज

एयर इंडिया को 10 साल की अवधि के लिये 30 हजार करोड़ रुपए का बेल आउट पैकेज दिया जा रहा है, जिसके आधार पर कंपनी चल रही है. इसके अलावा, एयरलाइंस अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार के लिये दूसरे उपायों पर भी काम कर रही है.

पिछले वित्त वर्ष में एयर इंडिया ने फ्यूल की कम लागत और यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी से 105 करोड़ रुपए का लाभ कमाया था. फिलहाल एयर इंडिया पर 48 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है. इसमें से लगभग एक तिहाई कर्ज की वजह विमानों का अधिग्रहण है. 19 बैंकों के समूह ने एयर इंडिया को यह कर्ज दिया है.

Ashwani Lohani

अश्विनी लोहानी के मुताबिक भारी कर्ज के बोझ तले दबे एयर इंडिया का इससे पार पाना मुश्किल है (फोटो: फेसबुक से साभार)

लोहानी ने कहा कि ‘यह उन लोगों के लिये मुद्दे की समझ की कमी का संकेत देता है जो एयर कंडीशन कमरे में बैठकर कंपनी की खराब स्थिति के लिये एयरलाइंस या उसके कर्मचारियों को दोष देते हैं.’

उन्होंने यह भी कहा कि सीनियर मैनेजमेंट लेवल पर कुप्रबंधन से भी कंपनी की हालत बदतर हुई है.

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