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खबरदार! प्रधानमंत्री और मंत्री को लिखा शिकायती खत तो खैर नहीं..

एम्स प्रशासन ने एक सर्कुलर जारी कर कहा कि सीधे ‘बाहरी अधिकारियों को’ ऐसे आवेदन देने को अनपयुक्त आचरण माना जाएगा. ऐसे किसी भी कर्मचारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी

Updated On: Oct 22, 2017 06:38 PM IST

Bhasha

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खबरदार! प्रधानमंत्री और मंत्री को लिखा शिकायती खत तो खैर नहीं..

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) प्रशासन ने अस्पताल के कर्मचारियों को सीधे प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों को शिकायती पत्र नहीं लिखने को कहा है.

प्रशासन ने ऐसा करने वाले किसी भी कर्मचारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है.

एम्स प्रशासन ने एक सर्कुलर जारी कर कहा कि सीधे ‘बाहरी अधिकारियों को’ ऐसे आवेदन देने को अनपयुक्त आचरण माना जाएगा. कर्मचारियों को संबंधित अधिकारी या संस्थान के निदेशक को अपना आवेदन देने की सलाह दी गई है.

सर्कुलर के अनुसार संस्थान को कर्मचारियों द्वारा सेवा संबंधी विषयों पर लिखे गए ढेरों आवेदन मिले हैं जो संस्थान के बाहर सीधे प्रधानमंत्री, मंत्री और सांसदों को भेजे गए थे.

सर्कुलर में कहा गया है कि ‘संस्थान के अधिकारियों की अनदेखी कर बाहरी अधिकारियों को ऐसे आवेदन देने को गंभीरता से लिया गया है.’ अस्पताल प्रशासन ने उन कर्मचारियों को अपना आवेदन संबंधित अधिकारी, संस्थान के उपनिदेशक या निदेशक को देने की सलाह दी गई है. जो सेवा अधिकार या स्थिति के दावे या संबंधित शिकायत के निवारण के लिए आवेदना देना चाहते हैं.

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