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अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला: भारत लाया जाएगा बिचौलिया क्रिश्चियन मिशेल, दुबई की अदालत का फैसला

मिशेल के खिलाफ जांच एजेंसियों के दायर आरोप-पत्र में आरोप लगाया गया है कि अगस्ता वेस्टलैंड से इस डील में उसे लगभग 225 करोड़ रुपए मिले थे

Updated On: Sep 19, 2018 09:11 AM IST

FP Staff

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अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला: भारत लाया जाएगा बिचौलिया क्रिश्चियन मिशेल, दुबई की अदालत का फैसला

वीवीआईपी हेलिकॉप्टर अगस्ता वेस्टलैंड खरीद घोटाले में भारत को बड़ी कामयाबी मिली है. दुबई की एक अदालत ने 3600 करोड़ रुपए के इस मामले  कथित बिचौलिए (दलाल) और ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल के प्रत्यर्पण का आदेश दिया है.

आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार देर शाम इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि  कुछ समय पहले भारत ने इस मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से की गई आपराधिक जांच के आधार पर यूएई से आधिकारिक तौर पर इस संबंध में आग्रह किया था. जिसके बाद मंगलवार को दुबई कोर्ट ने यह फैसला दिया.

अधिकारियों ने बताया कि 54 साल के क्रिश्चियन मिशेल जेम्स के खिलाफ आदेश की पूरी जानकारी बुधवार को मिल सकेगी क्योंकि कानूनी फैसला अरबी भाषा में है. भारतीय अधिकारियों के आग्रह पर इसका अंग्रेजी में अनुवाद कराया जा रहा है.

अदालत के इस फैसले को मामले की जांच कर रहे सीबीआई और ईडी के लिए काफी अहम माना जा रहा है.

ईडी ने जून 2016 में मिशेल के खिलाफ दायर अपने आरोप-पत्र (चार्जशीट) में आरोप लगाया था कि अगस्ता वेस्टलैंड से उसने लगभग 225 करोड़ रुपए प्राप्त किए.

ईडी ने कहा था कि यह पैसा और कुछ नहीं, बल्कि कंपनी द्वारा 12 हेलिकॉप्टरों के समझौते को अपने पक्ष में कराने के लिए वास्तविक लेन-देन के 'नाम पर' दी गई 'रिश्वत' थी.

सीबीआई और ईडी के जांच किए जा रहे मामलों में गुइदो हेश्के और कार्लो गेरोसा के अलावा मिशेल तीसरा कथित बिचौलिया है. अदालत के उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के बाद दोनों जांच एजेंसियों ने उसके खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया था.

अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला क्या है?

अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाला भारत के अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से खरीदे जा रहे हेलिकॉप्टरों से जुड़ा है. यह घोटाला तब सुर्खियों में आया था, जब इटली के एयरोस्पेस और डिफेंस निर्माण से जुड़ी कंपनी फिनमेकानिका के पूर्व मुखिया ओरसी को स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया था.

ओरसी पर भारत सरकार से वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों के इस सौदे को हासिल करने के लिए कथित तौर पर 362 करोड़ रुपए की रिश्वत देने का आरोप लगा था.

2007 में यूपीए-1 सरकार के समय अगस्ता वेस्टलैंड से वीवीआईपी के लिए 12 एडब्ल्यू-101 हेलिकॉप्टरों की खरीद का सौदा हुआ था. यह मामला 2013-14 में सामने आया था. 36 सौ करोड़ रुपए के इस सौदे में कई भारतीय राजनेताओं और सैन्य अधिकारियों पर अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगे हैं.

दिल्ली की एक अदालत ने पिछले हफ्ते इस मामले में आरोपी पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी और उनके भाइयों को जमानत दे दी थी. हालांकि घोटाले के अन्य आरोपियों कार्लो गेरोसा और जीआर हेश्के को बेल नहीं दी गई थी.

इस वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे में पूर्व एयर चीफ एसपी त्यागी समेत 18 लोगों को आरोपी बनाया गया है.

(भाषा से इनपुट)

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