S M L

सैनिटरी नैपकिन को GST मुक्त बनाने के लिए अनोखा विरोध अभियान

सरकार ने महिलाओं के उपयोग में आने वाले सैनिटरी नैपकिन को 12 फीसदी जीएसटी के दायरे में रखा है जिसका हर जगह कड़ा विरोध हो रहा है

Updated On: Jan 10, 2018 11:04 AM IST

FP Staff

0
सैनिटरी नैपकिन को GST मुक्त बनाने के लिए अनोखा विरोध अभियान

महिलाओं के उपयोग में आने वाली सेनेटरी नैपकिन को 12 फीसदी जीएसटी के दायरे में रखने का देश भर में विरोध जारी है. सैनिटरी नैपकिन को कर मुक्त बनाने के लिए मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक अनोखा विरोध अभियान चलाया जा रहा है.

यहां का एक सामाजिक संगठन नैपकिनों पर संदेश लिखकर 1 हजार से अधिक नैपकिन और पोस्टकार्ड प्रधानमंत्री को भेजेगा. इस अभियान में उन्होंने महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन पर मासिक धर्म की स्वच्छता पर अपने विचार लिखने के लिए प्रोत्साहित किया गया.

आपको बता दें कि युवा लड़कियों किशोरियों से लेकर 45 वर्ष की उम्र तक की हर महिला सैनिटरी नैपकिन का हर महीने इस्तेमाल करती हैं.

संदेश लिखे इन सभी नैपकिन को 3 मार्च के दिन सरकार तक पहुंचाया जाएगा. सोशल वर्कर हरि मोहन के अनुसार इस दिन 1 हजार नैपकिन प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड के साथ भेजे जाएंगे. दूसरे चरण में 1 लाख और तीसरे चरण में 5 लाख नैपकिन भेजे जाएंगे. इसे लेकर देशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है.

सामाजिक कार्यकर्ता प्रीति देवेंद्र जोशी ने कहा, 'सेनेटरी नैपकीन पहले से ही महंगा था, उसपर से अब यह और महंगा हो गया है. महंगाई के इस दौर में सेनेटरी नैपकीन का उपयोग मिडिल क्लास की महिलाएं भी नहीं कर पाएंगी. सरकार को सोचना चाहिए कि ग्रामीण महिलाएं 100 रुपए खर्च कर इसे कैसे खरीद पाएंगी. वो इसे खरीद सकने में सक्षम नहीं हैं जिसके अभाव में वो गंभीर बीमारियों का शिकार होंगी.'

उन्होंने कहा कि सैनिटरी नैपकिन सभी महिलाओं की जरूरत है. उसे यह मुफ्त मिलना चाहिए, कम से कम इसे जीएसटी के दायरे से बाहर रखना चाहिए.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi