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मॉनसून के बाद डेंगू,मलेरिया और चिकनगुनिया के मामलों में आने लगी है तेजी

इस बार राष्ट्रीय राजधानी में पिछले साल की तुलना में डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है

Updated On: Aug 21, 2018 05:45 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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मॉनसून के बाद डेंगू,मलेरिया और चिकनगुनिया के मामलों में आने लगी है तेजी
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दिल्ली-एनसीआर सहित देश के कुछ दूसरे राज्यों में भी डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया ने पैर पसारना शुरू कर दिया है. दिल्ली-एनसीआर के अलावा छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड ऐसे कुछ राज्य हैं, जहां पर बीते कुछ दिनों से डेंगू के मरीजों की संख्या में ज्यादा तेजी देखी गई है. छत्तीसगढ़ में तो डेंगू से हड़कंप मचा हुआ है. छत्तीसगढ़ में इस साल डेंगू से अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है. छत्तीसगढ़ में डेंगू के 550 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि, पूरे राज्य में 1500 से भी अधिक डेंगू के संदिग्ध मरीज सामने आए हैं.

छत्तीसगढ़ सरकार डेंगू को एक महामारी मान कर लोगों को जागरूक करने में लगी हुई है. इसके लिए राज्य में जगह-जगह बैनर पोस्टर भी लगाए गए हैं. राज्य सरकार का कहना है कि डेंगू को लेकर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. गौरतलब है कि सिर्फ भिलाई में ही अब तक 21 लोगों की डेंगू से मौत हो चुकी है. डेंगू से परेशान लोगों का अस्पताल आना लगातार जारी है.

दिल्ली सरकार और एमसीडी कर रही हैं बड़े-बड़े दावे

अगर बात देश की राजधानी दिल्ली की करें तो इस साल दिल्ली सरकार और एमसीडी की सत्ता पर काबिज बीजेपी दोनों डेंगू के रोकथाम को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही हैं. दिल्ली सरकार और एमसीडी दोनों का कहना है कि इस साल दिल्ली में मच्छरों से पनपने वाली सभी बीमारियों की रोकथाम के लिए कई कदम उठाए गए हैं. लेकिन, धरातल पर हकीकत कुछ और है.

दिल्ली की तीनों एमसीडी ने एक दिन पहले ही डेंगू को लेक एक आंकड़ा जारी किया था. इस आंकड़े के मुताबिक राजधानी में इस साल अब तक डेढ़ लाख से ज्यादा घरों और ऑफिस स्पेस में डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया का लार्वा मिला है. दक्षिणी नगर निगम में ही एक लाख 3 हजार 41 घरों में डेंगू के लार्वा मिले हैं.

पिछले सप्ताह में भी दक्षिणी नगर निगम ने एक आंकड़ा जारी किया था, जिसमें लगभग 90 हजार घरों और परिसरों में लार्वा मिलने की बात सामने आई थी. पिछले एक सप्ताह में लगभग 13 हजार घरों और परिसरों में लार्वा मिले हैं. निगम ने अब तक लगभग एक लाख लोगों को नोटिस भी जारी किया है. वहीं पूर्वी दिल्ली में लगभग 28 हजार घरों और परिसरों में और उत्तरी दिल्ली के 27 हजार घरों और परिसरों में डेंगू के लार्वा मिले थे.

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बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने भी पिछले दिनों ही डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया को लेकर सिविक एजेंसियों को सख्त निर्देश जारी किए थे. दिल्ली हाईकोर्ट ने संबंधित विभागों से पूछा था कि इस बार मॉनसून के बाद पनपने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए कितनी कारगर तैयारी की गई है? लेकिन, मॉनसून की पहली बारिश से ही इन तैयारियों की पोल खुल गई. इसके बाद एमसीडी की सत्ता में बैठी बीजेपी और दिल्ली की आप सरकार के बीच डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया.

हालांकि इस बार नेशनल मलेरिया रिसर्च इंस्टीट्यूट नई दिल्ली ने एक रिपोर्ट जारी कर बताया है कि इस बार दिल्ली-एनसीआर में सेरो टाइप-3 डेंगू वायरस पनप सकता है. इस टाइप के वायरस में मरीज की मौत होने का खतरा कम रहता है. इस रिसर्च में दावा किया जा रहा है कि साल 2016 में सेरो टाइप-2 का डेंगू था, जो काफी खतरनाक था. इस टाइप के वायरस में मरीज की मौत होने का खतरा हमेशा बना रहता है.

राष्ट्रीय राजधानी में मलेरिया डेंगू से कहीं ज्यादा तेजी से फैल रहा है

कुलमिलाकर दिल्ली में कई कारणों से मच्छरों का लार्वा बढ़ रहा है. कहा जा रहा है कि मच्छरों से बचाव के लिए एमसीडी लगातार दवाओं का छिड़काव कर रही है. इसके बावजूद घरों में लार्वा का मिलना जारी है.

दिल्ली में इस साल सिर्फ अगस्त महीने में ही अब तक मलेरिया के 40 मामले सामने आए हैं. इस साल दिल्ली में अब तक मलेरिया के 128 मामले सामने आए हैं. अगर बात करें डेंगू की तो सरकारी आंकड़े में तो 64 लोगों को ही डेंगू होने का मामला दर्ज किया गया है, लेकिन अगर प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों के आंकड़ों को जोड़ दिया जाए तो यह आंकड़ा काफी बढ़ सकता है.

दिल्ली में मई महीने के बाद से मलेरिया के मरीजों की संख्या में ज्यादा इजाफा हुआ है. इसका मतलब यह है कि राष्ट्रीय राजधानी में मलेरिया डेंगू से कहीं ज्यादा तेजी से फैल रहा है. मलेरिया के कुल 128 मामलों में से 88 मामले जुलाई से अगस्त के बीच आए हैं. 19 मामले जून में, 17 मई में, अप्रैल-मार्च में एक-एक और फरवरी में दो मामले दर्ज किए गए.

इतना तो तय है कि दिल्ली में अच्छे मॉनसून के बाद डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया ने पैर पसारना शुरू कर दिया है. दिल्ली नगर निगम के पुराने रिकॉर्ड भी दिल्लीवालों की नींद गायब करने के लिए काफी है. ऐसे में कहा जा रहा है कि पिछले साल की तुलना में डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है.

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