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बुराड़ी कांड: 200 लोगों से पूछताछ के बाद 'ढाक के तीन पात' वाली स्थिति में खड़ी है दिल्ली पुलिस

दिल्ली के बुराड़ी इलाके में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत के रहस्य पर से अब भी पर्दा उठना बाकी है.

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Jul 10, 2018 08:50 PM IST

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बुराड़ी कांड: 200 लोगों से पूछताछ के बाद 'ढाक के तीन पात' वाली स्थिति में खड़ी है दिल्ली पुलिस

दिल्ली के बुराड़ी इलाके में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत के रहस्य पर से अब भी पर्दा उठना बाकी है. बीते 30 जून की रात को बुराड़ी के संतनगर में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत हो गई थी. मौत की इस गुत्थी को दिल्ली पुलिस इतने दिन बीत जाने के बाद सुलझा नहीं पाई है. दिल्ली पुलिस घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी हत्या और आत्महत्या के बीच झूलती नजर आ रही है.

हालांकि, दिल्ली पुलिस लगभग यह भी मान चुकी है कि इन 11 लोगों की मौत तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के कारण हुई है. इसके बावजूद दिल्ली पुलिस इस मामले को लेकर अब तक 200 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है.

दिल्ली पुलिस लगातार यह कहती आ रही है कि हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि अगर हत्या हुई तो क्यों हुई और अगर आत्महत्या की गई तो क्यों की गई. बता दें कि दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक 200 से अधिक लोगों से पूछताछ की है.

इसके बावजूद दिल्ली पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है. क्या वाकई में दिल्ली पुलिस यह मान चुकी है कि यह आत्महत्या का केस है या फिर कहीं न कहीं दिल्ली पुलिस को कुछ और आशंका निकल कर सामने आ रही है? ये कुछ अहम सवाल हैं, जिनके बारे में लोग जानना चाहते हैं.

एक तरफ दिल्ली पुलिस फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार करने की बात करती है तो दूसरी तरफ अपनी तफ्तीश में तंत्र-मंत्र की बात को साबित करने में एक से बढ़ कर एक तर्क भी दे रही है.

दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी फर्स्टपोस्ट हिंदी से बात करते हुए कहते हैं, ‘11 लोगों की फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हमलोग आगे की जांच को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श करेंगे. हमलोग फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मनोवैज्ञानिक जांच करवा सकते हैं. मनोवैज्ञानिक जांच में ही निकल कर सामने आएगा कि यह आत्महत्या का मामला है कि नहीं. अगर आत्महत्या है तो इसके लिए कौन-कौन से कारक जिम्मेदार थे, उसका पता लगाएंगे. हमलोग मनोवैज्ञानिक जांच के जरिए मरने वाले सभी लोगों की दिमागी हालात के बारे में जानकारी हासिल करेंगे. सभी लोगों के सगे-संबंधियों, दोस्त-यार, स्कूल-कॉलेज के दिनों के सहपाठी और उनके डेली के दिनचर्या के बारे में जानकारी हासिल कर किसी नतीजे पर पहुंचेंगे.’

फोटो पीटीआई से

फोटो पीटीआई से

दूसरी तरफ मरने वाले 11 लोगों में शामिल प्रियंका भाटिया के मंगेतर से दिल्ली पुलिस ने अब तक दो बार पूछताछ कर चुकी है. पूछताछ में प्रियंका के मंगेतर ने परिवार के ऐसी किसी भी धार्मिक रीति-रिवाजों के बारे में खुद को जानकारी होने से साफ इंकार किया है. ऐसा कहा जा रहा है कि दिल्ली पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि प्रियंका को मांगलिक दोष था, जिसकी वजह से दोनों की शादी में अड़चन आने लगी थी.

इसके अलावा भी दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने बुराड़ी स्थित भाटिया परिवार के घर के आस-पास दुकानदारों से कई घंटों तक पूछताछ की. घटना वाली रात को भी भाटिया परिवार के कुछ सदस्यों ने बाजार से स्टूल, टेप और चुन्नी खरीदी थी. बाद में स्टूल, साड़ी और चुन्नी का प्रयोग इन 11 लोगों ने अपनी मौत में किया था.

हर रोज नए-नए खुलासे के बाद दिल्ली पुलिस की जांच में असर देखने को मिल रहा है. हर रोज पुलिस को एक नया एंगल नजर आता है. जो बाद में झूठ साबित हो जाता है.

वहीं अब ललित के रजिस्टर में उसके पिता भोपाल सिंह के अलावा चार अन्य लोगों की आत्मा भटकने की बात लिखी मिली है. सज्जन सिंह ललित के ससुर, हीरा, प्रियंका के पिता और दयानंद और गंगा देवी सुजाता के सास-ससुर हैं. सुजाता ललित की बड़ी बहन हैं. जो अब भी जीवित हैं.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक इन लोगों को मानना था कि ललित के ऊपर पिता की आत्मा आती थी या भाटिया परिवार तंत्र-मंत्र या कोई अनुष्ठान कर रहा था यह जानकारी दिनेश को नहीं थी. जबकि, भाटिया परिवार की एक और सदस्य सुजाता का कहना है कि पुलिस अपनी ओर से झूठी कहानी बनाकर हत्या की जांच से बचना चाहती है. सुजाता का साफ कहना है कि उसके परिवार के 11 सदस्यों की किसी ने हत्या की है.

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