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पति-पत्नी और 'वो' का रिश्ता अब अपराध नहीं, जानिए बाकी देशों में क्या है कानून

पाकिस्तान, सऊदी और सोमालिया जैसे कई मुस्लिम देशों में विवाहेत्तर संबंधों के लिए गंभीर सजा दी जाती है

Updated On: Sep 27, 2018 04:30 PM IST

FP Staff

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पति-पत्नी और 'वो' का रिश्ता अब अपराध नहीं, जानिए बाकी देशों में क्या है कानून

150 साल पुराने एडल्ट्री कानून पर सुप्रीम कोर्ट ने आज यानि गुरुवार को अपना फैसला सुना दिया है. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों वाली संवैधानिक पीठ ने एडल्ट्री को परिभाषित करने वाली आईपीसी की धारा 497 की वैधता खारिज करने को लेकर दायर की गई याचिका पर 23 अप्रैल 2018 को मामले की सुनवाई होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था.

फैसला सुनाते हुए मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कहा कि लोकतंत्र आप और हम से है, यही लोकतंत्र की खूबसूरती है. पति और पत्नी के रिश्ते में कोई भी सर्वेसर्वा नहीं है. मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कहा- एडल्ट्री कोई अपराध नहीं हैं. भारतीय दंड संहिता की धारा 497 (एडल्ट्री) असंवैधानिक है जब तक की ये आत्महत्या की वजहों का कारण न बनें.

कानूनी रूप से अगर किसी एक को वर्यता दी जाए या ऊपर रखा जाए तो यह बिल्कुल गलत है. समाज में महिलाओं को उचित दर्जा देने और तीन तलाक पर जस्टिस नरीमन की टिप्पणियों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने कहा एडल्ट्री शादी को तोड़ने का कारण हो सकती है लेकिन ये कोई अपराध नहीं है.

सऊदी में पत्थर मारकर जान से मारने का प्रावधान, फिलीपींस में 6 साल जेल 

सुप्रीम कोर्ट ने जब यह फैसला सुनाया तो ऐसे देशों का उदाहरण दिया जहां एडल्ट्री अपराध नहीं है. हालांकि भारत के अलावा एशिया के केवल तीन देशों में ही विवाहेत्तर संबंध अपराध की श्रेणी में रखे गए थे. इन देशों का नाम फिलीपींस, ताइवान और दक्षिण कोरिया है. जिसमें 2015 में दक्षिण कोरिया भी अपराध की श्रेणी से बाहर हो गया था.

वहीं फिलीपींस में ऐसे मामले में 4 महीने से लेकर 6 साल तक की सजा का प्रावधान है. ताइवान में विवाहेत्तर संबंध के अपराध में एक साल जेल की सजा का प्रावधान है. अगर पुरुष इस अपराध में पकड़ा जाता है तो उसे माफी भी मिल जाती है, वहीं महिलाओं के साथ यहां भेदभाव होता है.

जापान में 1947 में ही विवाहेत्तर संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया था. तुर्की भी 1996 में अपराध की श्रेणी से बाहर हो गया था. वहीं पाकिस्तान, सऊदी और सोमालिया जैसे कई मुस्लिम देशों में विवाहेत्तर संबंधों के लिए गंभीर सजा दी जाती है.

पाकिस्तान में मौत, 100 कोड़े या 10 साल की सजा का प्रावधान

सऊदी में पत्थर मारकर जान से मार दिया जाता है, पाकिस्तान में पत्थर मारना या सार्वजनिक रूप से 100 कोड़े की सजा का प्रावधान है या फिर 10 साल की जेल भी हो सकती है. सोमालिया में पत्थर मारकर जान से मारने की सजा, ईरान में फांसी, मिस्र में महिलाओं को 2 साल और पुरुषों को 6 महीने की जेल और अफगानिस्तान में सार्वजनिक रूप से 100 कोड़े मारने की सजा मिलती है.

हैरानी की बात है कि अमेरिका के 21 राज्यों में भी विवाहेत्तर संबंध अवैध है लेकिन न्यूयॉर्क में इसे बहुत छोटा अपराध माना जाता है. इसके अलावा ओकालाहोमा, मिशिगन, इदाहो जैसे राज्यों में यह अपराध है. हालांकि एशिया के कई देशों, अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया आदि में विवाहेत्तर संबंध अपराध नहीं हैं.

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