Co Sponsor
In association with
In association with
S M L

भारतीय युवाओं को रास नहीं आ रहा स्‍वदेश, जाना चाहते हैं विदेश!

भारत उन देशों में दूसरे नंबर पर है जहां युवा दूसरे देशों में बसने की योजना बना रहे हैं

FP Staff Updated On: Jul 14, 2017 07:40 PM IST

0
भारतीय युवाओं को रास नहीं आ रहा स्‍वदेश, जाना चाहते हैं विदेश!

भारत के लिए खतरे की घंटी है. भारत उन देशों में दूसरे नंबर पर है जहां युवा दूसरे देशों में बसने की योजना बना रहे हैं और अमेरिका और ब्रिटेन उनके पसंदीदा देश हैं.

यूनाइटेड नेशंस की प्रवासन एजेंसी इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (आईओएम) ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि दुनियाभर में युवाओं की आबादी के 1.3 फीसदी है. छह करोड़ 60 लाख लोगों ने कहा कि वे अगले 12 महीनों में स्थायी तौर पर प्रवास करने की योजना बना रहे हैं. रिपोर्ट में 2010-2015 अवधि के लिए दुनियाभर में लोगों के प्रवास करने के इरादों का विश्लेषण किया गया है.

दूसरे देशों में बसने की योजना बनाने वाले लोगों में अमेरिका के बाद सबसे लोकप्रिय देश हैं ब्रिटेन, सऊदी अरब, फ्रांस, कनाडा, जर्मनी और दक्षिण अफ्रीका.

प्रवास करने की योजना बनाने वालों में से आधे लोग सिर्फ 20 देशों में रहते हैं जिसमें पहले नंबर पर नाइजीरिया और दूसरे नंबर पर भारत है. इसके बाद कांगो, सूडान, बांग्लादेश और चीन का नंबर आता है.

48 लाख लोगों के साथ भारत में सबसे अधिक संख्या में युवा जाने की योजना बना रहे हैं और तैयारी कर रहे हैं. इनमें 35 लाख लोग प्रवास करने की योजना बना रहे हैं और 13 लाख लोग तैयारी कर रहे हैं.

नाइजीरिया में 51 लाख से अधिक लोग अपने देश से बाहर बसने की योजना बना रहे हैं. इसके बाद 41 लाख लोगों के साथ कांगो और 27 लाख लोगों के साथ चीन और बांग्लादेश का नंबर आता है.

पश्चिम अफ्रीका, दक्षिण एशिया और उत्तर अफ्रीका ऐसे क्षेत्र हैं जहां सबसे अधिक लोगों के प्रवास करने की संभावना है. यह अध्ययन गैलप वर्ल्ड पोल द्वारा एकत्रित किए गए अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों पर आधारित है.

दूसरे देशों में बसने की योजना बनाने वाले ज्यादातर लोगों में पुरुष, युवा, अविवाहित, ग्रामीण इलाकों में रहने वाले और कम से कम माध्यमिक शिक्षा हासिल करने वाले युवा हैं.

साभार न्यूज़ 18

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
AUTO EXPO 2018: MARUTI SUZUKI की नई SWIFT का इंतजार हुआ खत्म

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi