S M L

भारत में गरीबों में तेजी से फैल रहा है डायबिटीज: स्टडी

सामाजिक-आर्थिक रूप से अच्छी स्थिति वाले तबके के मुकाबले कमजोर तबके में डायबिटीज के रोगियों की संख्या अधिक है

Updated On: Jun 08, 2017 11:29 PM IST

Bhasha

0
भारत में गरीबों में तेजी से फैल रहा है डायबिटीज: स्टडी

भारत में डायबिटीज रोगियों की बढ़ती संख्या के बीच एक और चिंताजनक बात सामने आई है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गरीब तबके के लोग तेजी से इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं.

एक अध्ययन में कहा गया है कि देश के विकसित राज्यों के शहरी इलाकों में रहने वाले सामाजिक-आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों की उन लोगों के मुकाबले डायबिटीज से पीड़ित होने की आशंका अधिक है जो राज्य के सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत तबके से ताल्लुक रखते हैं.

लांसेट डायबिटीज एंड एंडोक्रनालॉजी जर्नल में प्रकाशित इस स्टडी में कहा गया है कि इसके नतीजे भारत के लिए चिंताजनक है, जहां लोग इलाज पर अपनी हैसियत से बढ़कर खर्च करते हैं.

आखिर क्या है इसकी वजह? 

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद और स्वास्थ्य मंत्रालय के स्वास्थ्य शोध विभाग की मदद से किए गए इस स्टडी में 15 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के 57,000 लोगों को शामिल किया गया.

रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक रूप से अधिक संपन्न माने जाने वाले सात राज्यों के शहरी इलाकों में सामाजिक-आर्थिक रूप से अच्छी स्थिति वाले तबके के मुकाबले सामाजिक-आर्थिक रूप से कमजोर तबके में डायबिटीज के रोगियों की संख्या अधिक है.

उदाहरण के लिए, चंडीगढ़ के शहरी इलाकों में सामाजिक-आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के बीच डायबिटीज की दर 26.9 फीसदी पाई गई जो अच्छी सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के बीच 12.9 प्रतिशत की दर से कहीं अधिक है.

एम्स के एंडोक्रनालॉजी और मेटाबॉलिज्म विभाग के प्रमुख डॉ. निखिल टंडन के अनुसार शहरों में तनावपूर्ण माहौल में रहना, खाने-पीने की आदतें और वजन बढ़ने तथा शरीर की चर्बी के साथ अधिक देर तक बैठना और व्यायाम ना करने से डायबिटीज होने का खतरा बढ़ रहा है.

उन्होंने कहा, ‘यहां तक कि कम आय वाले वर्गों के लोग भी जंक फूड खा रहे हैं.’

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Ganesh Chaturthi 2018: आपके कष्टों को मिटाने आ रहे हैं विघ्नहर्ता

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi