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आरुषि मर्डर केस: वो सब जो आप जानना चाहते हैं

16 मई 2008 को डेंटिस्ट राजेश और नुपुर तलवार की बेटी आरुषि तलवार अपने बेडरूम में मृत मिली थी

FP Staff Updated On: Oct 12, 2017 11:03 AM IST

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आरुषि मर्डर केस: वो सब जो आप जानना चाहते हैं

आरुषि हत्याकांड में गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट फैसला सुना सकता है. राजेश और नुपुर तलवार अभी डासना जेल में बंद हैं. नवंबर 2013 में तलवार दंपत्ति को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. आइए जानते हैं अब तक शक के घेरे के में खड़ी आरुषि मर्डर मिस्ट्री कैसे पहुंची इलाहाबाद हाईकोर्ट तक.

2008

16 मई: नोएडा के जलवायु विहार में डेंटिस्ट राजेश और नुपुर तलवार की बेटी आरुषि तलवार अपने बेडरूम में मृत मिली.

17 मई: फ्लैट की छत पर नौकर हेमराज का शव मिला. सबसे बड़ी बात थी कि छत का गेट अंदर से बंद था.

18 मई: पुलिस ने कहा कि मर्डर बिल्कुल मंझे हाथों से हुआ था. पुलिस ने शुरूआती जांच में घरवालों पर ही शक होने की बात कही.

23 मई: आरुषि के पिता राजेश तलवार को डबल मर्डर के लिए गिरफ्तार किया गया.

1 जून: नोएडा पुलिस की जगह यह केस सीबीआई को सौंप दिया गया.

13 जून: नार्को टेस्ट के बाद सीबीआई ने डॉ. तलवार के कंपाउंडर कृष्णा को गिरफ्तार किया.

20 जून: राजेश तलवार का लाई डिटेक्शन टेस्ट किया गया.

25 जून: दूसरा लाई डिटेक्शन टेस्ट आरुषि की मां नुपुर तलवार का किया गया. अब तक की जांच में नुपुर का यह पहला टेस्ट था.

26 जून: सीबीआई ने इसे 'ब्लाइंड केस' करार दिया. राजेश तलवार की जमानत अर्जी गाजियाबाद मजिस्ट्रेट ने ठुकरा दी.

27 जून: डॉ. अनिता दुर्रानी के नौकर राजकुमार को सीबीआई ने किया गिरफ्तार.

11 जुलाई: डॉ. तलवार के पड़ोस में रहने वाले नौकर विजय मंडल को सीबीआई ने किया गिरफ्तार. 50 दिन जेल में रहने के बाद डॉ. राजेश तलवार रिहा.

12 जुलाई: गाजियाबाद कोर्ट ने राजेश तलवार को बेल दे दी.

2009

फरवरी: 15 फरवरी से 20 फरवरी के बीच डॉ. तलवार का नार्को-एनालिसिस टेस्ट किया गया.

29 दिसंबर: सीबीआई ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दायर की. इसमें नौकर को क्लीनचिट दे दी जबकि तलवार दंपत्ति को इसमें मुख्य आरोपी करार दिया.

2011

25 जनवरी: गाजियाबाद की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में राजेश तलवार पर उत्सव शर्मा ने हमला किया. इसमें डॉ. तलवार के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं.

9 फरवरी: गाजियाबाद की विशेष अदालत ने तलवार दंपती पर सबूत मिटाने और आरुषि हत्याकांड में शामिल होने का आरोप तय किया.

21 फरवरी: तलवार दंपत्ति ने अपने ऊपर लगे आरोपों के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया.

18 मार्च: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तलवार दंपत्ति की अर्जी खारिज कर दी.

19 मार्च: दंपत्ति ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की.

2012

14 मार्च: सीबीआई ने राजेश तलवार की बेल खारिज करने के लिए अर्जी दायर की.

11 अप्रैल: कोर्ट ने नुपुर तलवार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया. नुपुर तलवार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की. जिसपर पर कोर्ट ने नुपुर की गिरफ्तारी पर तीस अप्रैल तक के लिए रोक लगा दी.

30 अप्रैल: नुपुर तलवार ने सीबीआई की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया. कोर्ट ने जेल भेजा.

3 मई: सेशन कोर्ट ने नुपुर तलवार की बेल अर्जी खारिज कर दी.

25 मई: गाजियाबाद कोर्ट ने तलवार दंपत्ति को मर्डर, साजिश और तथ्यों से छेड़छाड़ करने की साजिश में आरोपी पाया.

सितंबर 2012: डॉ. नूपुर तलवार जमानत पर रिहा हुईं.

2013

अप्रैल: सीबीआई अधिकारी ने कोर्ट में कहा कि तलवार दंपत्ति ने ही आरुषि और हेमराज की हत्या की है. सीबीआई ने बताया कि वो दोनों आपत्तिजनक हालत में पाए गए थे.

3 मई: बचाव पक्ष ने विशेष कोर्ट से सीबीआई के पूर्व निदेशक अरुण कुमार समेत 14 लोगों को गवाह‌ के तौर पर बुलाने की अपील की. सीबीआई ने इस याचिका का विरोध किया.

6 मई: कोर्ट ने बचाव पक्ष की अपील को खारिज कर दिया. कोर्ट ने डॉ. राजेश तलवार और डॉ. नूपुर तलवार के बयान रिकार्ड करने का आदेश दिया.

13 मई: सुप्रीम कोर्ट ने भी सीबीआई के पूर्व निदेशक अरुण कुमार समेत 14 लोगों को गवाह‌ के तौर पर बुलाने की डॉ. राजेश तलवार की अपील खारिज कर दी.

25 नवंबर: गाजियाबाद की विशेष सीबीआई अदालत ने आरुषि-हेमराज हत्याकांड मामले में राजेश तलवार और उनकी पत्‍नी नूपुर को दोषी ठहराया.

2014

21 जनवरी: तलवार दंपत्ती लोअर कोर्ट के फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की.

2017

11 जनवरी: हाईकोर्ट ने तलवार दंपत्ती की अपील पर फैसला सुरक्षित किया.

1 अगस्त: हाईकोर्ट ने कहा कि दंपत्ती की अपील पर फिर से सुनवाई करेंगे, क्योंकि सीबीआई के दावों में विरोधभास है.

8 सितंबर: हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित किया.

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