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क्या अब मान लिया जाए कि केजरीवाल और ब्यूरोक्रेसी साथ काम करेंगे?

दिल्ली की जनता की भलाई के लिए दोनों पक्ष अपने गिले-शिकवे भुला कर काम करने की बात कह रहे हैं

Updated On: Jun 19, 2018 11:13 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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क्या अब मान लिया जाए कि केजरीवाल और ब्यूरोक्रेसी साथ काम करेंगे?

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने 9वें दिन अपना धरना समाप्त कर दिया है. दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल को पत्र लिखने के बाद केजरीवाल ने धरना समाप्त किया. दिल्ली के एलजी अनिल बैजल ने पत्र में लिखा है कि केजरीवाल जनता की भलाई के लिए काम करें. सचिवालय में अधिकारियों से मिलकर बात करें. एलजी ने केजरीवाल की अधिकारियों से काम पर लौटने की अपील को भी सराहा है.

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने प्रेस कांफ्रेंस कर धरना खत्म करने की जानकारी दी. पिछले 9 दिनों से अरविंद केजरीवाल अपने मंत्रिमंडल के सहयोगी गोपाल राय के साथ एलजी हाउस के वेटिंग रूम में धरने पर बैठे थे. एलजी हाउस में ही अनशन कर रहे दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन पहले ही अनशन त्याग कर सरकार का कामकाज संभाल चुके हैं.

बता दें कि अरविंद केजरीवाल अपने सहयोगियों के साथ दो मुद्दों को लेकर धरना दे रहे थे. पहला मुद्दा अधिकारियों के काम पर लौटने का था जबकि दूसरा मुद्दा राशन को लेकर था. मंगलवार सुबह ही अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए थे. केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, ‘हमने उपराज्यपाल को चिट्ठी लिखी और मीटिंग की दरख्वास्त की. हम उपराज्यपाल के जवाब का इंतजार कर रहे हैं और माननीय उपराज्यपाल पीएम के ग्रीन सिग्नल का इंतजार कर रहे हैं.’

बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मंगलवार शाम दिल्ली सरकार के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया दिल्ली सरकार के सभी मंत्रियों के साथ मीडिया से मुखातिब हुए. उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और मंत्री सत्येंद्र जैन ने मीडिया के सामने एलजी पर कई आरोप लगाए. सभी मंत्रियों ने एक-एक कर उपराज्यपाल के खिलाफ अपने गिले-शिकवे सुनाए, लेकिन आखिर में उन्होंने अधिकारियों के काम पर लौटने की बात कह कर धरना समाप्त करने की घोषणा की.

मनीष सिसोदिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘सोमवार से ही अफसर हमारी मीटिंग में शामिल हो रहे हैं. सोमवार को भी आईएएस अधिकारी मीटिंग में शामिल हुए थे. मंगलवार को भी राशन के मुद्दे पर बुलाई गई मीटिंग में अधिकारी शामिल हुए हैं. हालांकि राशन का मुद्दा अभी भी बरकरार है. एलजी साहब हमारी बात सुनते नहीं हैं. हम संघर्ष जारी रखेंगे और जनता के बीच जाएंगे.’

Manish Sisodia Back @ work

धरने के आठवें दिन दिल्ली हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी से लगने लगा था कि धरना जल्द ही समाप्त हो जाएगा. बीते दो दिनों से दिल्ली की नौकरशाही में नरमी जरूर दिखाई दे रही थी, लेकिन दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम भी नजर आ रहे थे. लेकिन, एलजी के पत्र सामने आने के बाद मनीष सिसोदिया ने धरना समाप्त कर काम पर लौटने की बात कही है. ऐसे में अब यह माना जा रहा है कि जल्द ही दिल्ली सरकार और नौकरशाही में सुलह होने वाली है.

पिछले 9 दिनों से दिल्ली में चल रहे इस राजनीतिक ड्रामे से टीवी सीरियल सास, बहु और साजिश जैसी बात सामने निकल कर आ रही थी. दिल्ली के एलजी और अरविंद केजरीवाल की सरकार में सास-बहु जैसा झगड़ा चल रहा था. ताजा घटनाक्रम के बाद दिल्ली सरकार और नौकरशाही में एक बार फिर से सुलह के संकेत मिलने लगे हैं.

दिल्ली सरकार और नौकरशाही के बीच पिछले चार महीने से गतिरोध चल रहा है. यह मामला दिल्ली के प्रमुख सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट के बाद शुरू हुआ था. हालांकि इस कथित मारपीट में शामिल आप के दो विधायकों पर अब भी मामला चल रहा है.

इधर आईएएएस एसोसिएशन का साफ कहना है कि माफी मांगे जाने के मुद्दा अभी भी जिंदा है. यदि सुलह होगी भी तो दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को माफी मांगनी होगी. आईएएस एसोसिएशन का साफ कहना है कि 19 फरवरी के बाद अधिकारियों में काफी डर का माहौल है इस स्थिति में अगर दोनों माफी नहीं मांगते हैं तो विरोध प्रदर्शन का कोई मतलब नहीं रह जाएगा.

देश की राजधानी में पिछले 9 दिनों से चला आ रहे राजनीतिक ड्रामे का अंत बेशक हो गया है कि लेकिन सवाल उठता है कि अगर अरविंद केजरीवाल ने जिस तरह मंगलवार को आईएएस अधिकारियों को ट्वीट कर काम पर लौटने की अपील की, यही ट्वीट वह चार महीने पहले भी कर सकते थे. दूसरी तरफ आईएएस अधिकारियों की तरफ से यह लगातार कहा जा रहा था कि हमारे कोई अधिकारी हड़ताल पर नहीं है, वह भी गलत साबित हुआ है.

अंशु प्रकाश

अंशु प्रकाश

मंगलवार को ही आईएएस एसोसिशन की तरफ से कहा गया था कि वह अरविंद केजरीवाल के बुलावे का इंतजार कर रहे हैं. पिछले चार महीने से देश की राजधानी में चल रही इस नूरा-कुश्ती में दोनों पक्षों की गलती साफ नजर आ रही थी. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर दोष मढ़ने में लगे थे. दोनों में यह चल रहा था कि पहले कौन झुकेगा तो पहले कौन.

इसके बावजूद दिल्ली की जनता की भलाई के लिए दोनों पक्ष अपने गिले-शिकवे भुला कर काम करने की बात कह रहे हैं. हालांकि इसकी संभावना कम ही नजर आ रही है. ऐसी खबर आ रही है कि बुधवार को दिल्ली सरकार और आईएएस अधिकारियों के बीच दिल्ली सचिवालय में बैठक बुलाई गई है. उम्मीद है दोनों पक्ष एक-दूसरे पर दोष मढ़ने के बजाए अब दिल्ली की जनता के लिए काम करेंगे.

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