S M L

EXIT POLL RESULTS ASSEMBLY ELECTION 2018

  • Madhya Pradesh India Today-Axis

    230 Seats

    116 to win
    BJP
    INC
    OTH
    102-120
    104-122
    4-11
  • Madhya Pradesh Times Now-CNX

    230 Seats

    116 to win
    BJP
    INC
    OTH
    126
    89
    15
  • Madhya Pradesh NewsX-Neta

    230 Seats

    116 to win
    BJP
    INC
    OTH
    106
    112
    12
  • Madhya Pradesh Republic-Jan ki Baat

    230 Seats

    116 to win
    BJP
    INC
    OTH
    108-128
    95-115
    7
  • Chhattisgarh India Today-Axis

    90 Seats

    46 to win
    BJP
    INC
    OTH
    21-31
    55-65
    4-8
  • Chhattisgarh Times Now-CNX

    90 Seats

    46 to win
    BJP
    INC
    OTH
    46
    35
    9
  • Chhattisgarh NewsX-Neta

    90 Seats

    46 to win
    BJP
    INC
    OTH
    43
    40
    7
  • Chhattisgarh Republic- Jan ki Baat

    90 Seats

    46 to win
    BJP
    INC
    OTH
    40-48
    37-43
    0-1
  • Rajasthan India Today-Axis

    200 Seats

    101 to win
    BJP
    INC
    OTH
    55-72
    119-141
    -
  • Rajasthan Times Now-CNX

    200 Seats

    101 to win
    BJP
    INC
    OTH
    85
    105
    2
  • Rajasthan NewsX-Neta

    200 Seats

    101 to win
    BJP
    INC
    OTH
    80
    112
    07
  • Telangana India Today-Axis

    119 Seats

    60 to win
    TRS
    INC+
    OTH
    79-91
    21-33
    4-7
  • Telangana Times Now-CNX

    119 Seats

    60 to win
    TRS
    INC
    OTH
    66
    37
    16
  • Mizoram Republic-CVoter

    40 Seats

    21 to win
    MNF
    INC
    OTH
    16-20
    14-18
    3-10
  • Telangana Republic-CVoter

    119 Seats

    60 to win
    TRS
    INC+
    OTH
    48-60
    47-59
    1-13
  • Telangana NewsX-Neta

    119 Seats

    60 to win
    TRS
    INC+
    OTH
    57
    46
    16
  • Mizoram NewsX-Neta

    40 Seats

    21 to win
    MNF+
    INC
    OTH
    19
    15
    06
  • Mizoram Times Now-CNX

    40 Seats

    21 to win
    MNF+
    INC
    OTH
    18
    16
    6
  • Madhya Pradesh Today's Chanakya

    230 Seats

    116 to win
    INC
    BJP
    OTH
    125
    103
    2
  • Chhattisgarh Today's Chanakya

    90 Seats

    46 to win
    INC
    BJP
    OTH
    50
    36
    4

Supreme Court Aadhaar verdict: बैंक खाता, एडमिशन और सिम के लिए आधार अनिवार्य नहीं

पैन कार्ड के लिए आवेदन करने और इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए आधार की अनिवार्यता बनी रहेगी

| September 26, 2018, 09:05 PM IST

FP Staff

0

हाइलाइट

Sep 26, 2018

  • 15:16(IST)

    नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा है कि यह एक अच्छा और प्रगतिशील निर्णय है. यह देश में दक्षता लाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह (आधार) संवैधानिकता पर खरा उतरता है.

  • 15:13(IST)

    रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इस निर्णय के ऐतिहासिक दूरगामी परिणाम होंगे. हम इसका स्वागत कर रहे हैं. प्रसाद ने कहा कि आधार योजना को आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक समेत देश और दुनिया की तमाम संस्थाओं ने सही माना है.

  • 15:12(IST)

    रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का एक बयान आया है कि कांग्रेस की अहंकार पर हम कुछ नहीं कह सकते क्योंकि कांग्रेस ने ही इसे शुरू किया था.

  • 15:10(IST)

    केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण है कि सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने आधार की वैधता को 4-1 स्वीकार किया है. 

  • 15:09(IST)

    वित्त मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ही लेकर इसे लाई थी लेकिन उन्हें नहीं पता कि इसके साथ करना क्या है.

  • 15:08(IST)

    वित्त मंत्री ने कहा कि जो लोग भी इसकी आलोचना कर रहे हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि आप टेक्नोलॉजी को नकार नहीं सकते.

  • 15:06(IST)

    वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि 100 करोड़ से ज्यादा लोगों ने अबतक आधार कार्ड बनवा लिया है. इसके कारण सरकार हर साल 900 करोड़ रुपए बचत करने में सफल हो रही है क्योंकि यहां कोई जाली कार्ड नहीं है.

  • 15:02(IST)

    आधार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बोलते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक फैसला है. न्यायिक समीक्षा के बाद आधार की अवधारणा को स्वीकार कर लिया गया है. हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं.

  • 12:49(IST)

    कांग्रेस ने फैसले का स्वागत किया. 

  • 12:37(IST)

    जस्टिस सीकरी ने अपना फैसला जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस खानविलकर की तरफ से सुनाया था. जस्टिस चंद्रचूड़ का फैसला सीकरी से अलग रहा. बहुमत के हिसाब से 4:1 से जस्टिस सीकरी का फैसला लागू होगा.  

  • 12:13(IST)

    जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, स्वतंत्र रेगुलेटरी फ्रेमवर्क नहीं होने की वजह से डेटा प्रोटेक्शन से समझौता हो रहा है. आधार एक्ट आर्टिकल 14 के तहत टेस्ट में पास नहीं होता है. 

    क्या है आर्टिकल 14- इसके तहत भारत का संविधान बराबरी का अधिकार देता है. आधार एक्ट आने से पहले देश के हर शख्स को बराबरी की सुरक्षा मिलती थी.  

  • 12:10(IST)

    जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, आधार प्राइवेसी और डेटा प्रोटेक्शन के अधिकारों का उल्लंघन करता है. तकनीकी गलती की वजह से संवैधानिक गारंटी से समझौता नहीं किया जा सकता है. आधार प्रोग्राम पूरी तरह असंवैधानिक है. 

  • 12:07(IST)

    चंद्रचूड़ ने कहा, बायोमीट्रिक डेटा के यूनीक नेचर के साथ समझौता हुआ है और इससे हमेशा समझौता होता रहेगा. आधार एक्ट के कई प्रावधान के तहत बड़े पैमाने पर बायोमीट्रिक डाटा जमा होता है. लेकिन यह पता नहीं चल पाता है कि उन बायोमीट्रिक डेटा का क्या होता है. 

  • 12:01(IST)

    बीजेपी लीडर सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा, 'मैं आधार पर आए फैसले से खुश हूं. इसे वहीं अनिवार्य बनाना चाहिए जहां इसकी जरूरत है.'

  • 12:00(IST)

    मनी बिल के तौर पर आधार एक्ट को पास कराने पर जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, आधार को मनी बिल के तौर पर पास नहीं कराया जा सकता. मनी बिल के दायरे में नहीं आने वाले किसी बिल को अगर मनी बिल के तौर पर पास कराया जाता है तो यह फ्रॉड है.  

  • 11:55(IST)

    आधार के खिलाफ याचिका दायर करने वालों में एक कपिल सिब्बल भी हैं. उन्होंने कहा कि फैसले का सबसे अहम हिस्सा है कि डेटा को नहीं रखा जा सकता. यह स्वागत योग्य फैसला है.

  • 11:54(IST)

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी अवैध आप्रवासी को आधार या किसी स्कीम का फायदा नहीं दिया जा सकता है. 

  • 11:52(IST)

    अब जस्टिस चंद्रचूड़ अपना फैसला पढ़ रहे हैं.

  • 11:52(IST)

    आधार एक्ट को मनी बिल की तरह पास करने पर जस्टिस सीकरी ने कहा कि आधार को मनी बिल के तौर पर पास कराया जा सकता है. उन्होंने कहा कि मनी बिल पर फैसला लेना का हक सिर्फ स्पीकर का नहीं होता. अगर कोई बिल मनी बिल के तौर पर पास हो गया है तो उसे कोई शख्स चैलेंज कर सकता है.

  • 11:50(IST)

    इनकम टैक्स की धारा 139AA को बरकरार रखा गया है. इसके तहत इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने और पैन कार्ड के आवेदन के लिए आधार अनिवार्य बना रहेगा.

  • 11:47(IST)

    आधार एक्ट की धारा 57, 2(d) को खत्म कर दिया है. इसके तहत अब किसी प्राइवेट कंपनी को आधार देना अनिवार्य नहीं होगा. यानी सिम लेने या पेटीएम के लिए अब आधार की जानकारी देना जरूरी नहीं है. दूरसंचार विभाग का नोटिफिकेशन अब अवैध हो गया. बैंक खाता खुलवाने के लिए आधार अब अनिवार्य नहीं है.

  • 11:41(IST)

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्कूल में एडमिशन का फायदा सेक्शन 7 के तहत नहीं आता है. लिहाजा इसके लिए आधार को अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता. अगर कोई बच्चा आधार जमा नहीं करता तो भी उसे किसी स्कीम से बाहर नहीं रखा जा सकता है. आधार के लिए बच्चों का एनरॉलमेंट कराने के लिए जरूरी है कि उनके अभिभावक इस बात के लिए राजी हो. CBSE, NEET, UGC के लिए आधार को अनिवार्य बनाना गलत है. 

  • 11:32(IST)

    सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सीकरी ने कहा कि डेटा कलेक्शन मिनिमल होगा. इससे आबादी के एक बहुत बड़े हिस्से को फायदा हो रहा है. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के पास आधार नहीं है इसलिए आधार को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता है.

  • 11:22(IST)

    जस्टिस सीकरी ने सेक्शन 32 (2) को खारिज कर दिया है. इस सेक्शन के तहत नेशनल सिक्योरिटी के नाम पर सरकार आपके हर डाटा पर नजर रख सकती थी. लेकिन यह सेक्शन खत्म होने के बाद आम आदमी की प्राइवेसी बढ़ी है.  

  • 11:17(IST)

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार एक्ट में कुछ बदलाव करने की जरूरत है. सिर्फ ज्वाइंट सेक्रेटरी और इससे ऊपर के अधिकारी ही डेटा शेयर करने पर कोई फैसला ले सकते हैं. बेंच ने सरकार को कहा है कि जितनी जल्दी हो सके श्रीकृष्णा कमेटी के डेटा प्रोटेक्शन से जुड़े सुझावों को लागू किया जाए.  

  • 11:16(IST)

    जस्टिस सीकरी ने आधार एक्ट में मामूली बदलाव करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सरकार या कोई कंपनी आधार नंबर को छह महीने से ज्यादा स्टोर नहीं रख सकती है. यानी अगर आप बैंक खाता खुलवाने या सिम कार्ड लेने के लिए आधार नंबर देते हैं तो उस आधार को 6 महीने से ज्यादा स्टोर नहीं किया जा सकता है. पहले यह डेटा पांच साल तक रखने की बात हुई थी. 

  • 11:13(IST)
  • 11:10(IST)

    जस्टिस सीकरी ने कहा, आधार फुलप्रूफ है. उन्होंने कहा-सरकार के पास जनता के अधिकारों पर वाजिब पाबंदी लगाने का पूरा अधिकार है.   

  • 11:07(IST)

    सीकरी ने कहा कि आधार और दूसरे आइडेंटी प्रूफ में मूल अंतर यूनीकनेस को लेकर है. यूनीक आइडेंटी कार्ड से हाशिए पर खड़े लोगों को पहचान मिली है.  

  • 11:05(IST)

    जस्टिस सीकरी ने कहा कि आधार को हिंदी डिक्शनरी से कैसे हटा सकते हैं.  

Supreme Court Aadhaar verdict: बैंक खाता, एडमिशन और सिम के लिए आधार अनिवार्य नहीं

सुप्रीम कोर्ट आधार की अनिवार्यता पर अहम फैसला सुना सकती है. आधार को अनिवार्य बनाने के खिलाफ कई समूहों ने याचिका दायर की है. किसी भी स्कीम या सर्विस के लिए आधार अनिवार्य है या नहीं, इसका फैसला आज होने वाला है. सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय बेंच आज इस मामले में फैसला देगी.

इन पांच जजों में से तीन जज आधार की अनिवार्यता पर अपना फैसला सुनाएगा. इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय बेंच कर रही है. इनमें चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए के सिकरी, जस्टिस ए एम खानविल्कर, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस अशोक भूषण शामिल हैं. इसी के आधार पर अंतिम फैसला होगा.

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इस साल मई में आधार और इससे जुड़ी 2016 के कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर ली थी.

इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में कुल 38 दिन तक सुनवाई चली थी. जिसके बाद जजों की पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने 10 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया था. सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने तक केंद्र व राज्य सरकारों की योजनाओं में आधार की अनिवार्यता पर रोक लगा दी गई है. इसमें मोबाइल सिम के साथ-साथ बैंक खातों को आधार से जोड़ना भी शामिल है.

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि आधार कार्ड से आम जीवन प्रभावित हुआ है, ऐसे में इसकी अनिवार्यता को खत्म कर देना चाहिए. वहीं केंद्र सरकार ने इसे अनिवार्य रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट में कई दलीलें दी हैं. हालांकि कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए एक सख्त टिप्पणी की थी और कहा था कि सरकार आधार को अनिवार्य करने के लिए नागरिकों को बाध्य नहीं कर सकती.

इन सवालों का मिलेगा जवाब

-क्या सुप्रीम कोर्ट सेक्शन 57 पर कोई फैसला लेगा. इस सेक्शन के मुताबिक, क्या सरकार के पास यह मांग करने का अधिकार है कि देश का हर आदमी एक पहचान पत्र के जरिए अपनी बायोमीट्रिक या डेमोग्राफिक जानकारी दे.

-क्या आधार की अनिवार्यता किसी की निजता का हनन है. निजता, बुनियादी अधिकार है. ऐसे में आज सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला लेगा, उसका व्यापक असर होगा.

-क्या आधार एक्ट वैध है. क्योंकि इसे जिस तरह लागू किया गया था उसे चुनौती दी गई है.

-आधार की अनिवार्यता के खिलाफ जिन लोगों ने याचिका दायर की है, उनका कहना है कि इसका इस्तेमाल सरकार सर्विलांस के लिए कर सकती है.

0

अन्य बड़ी खबरें

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi