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सोशल वेलफेयर स्कीम के लिए आधार कार्ड जरूरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट

कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार को आधार को गैर-लाभकारी योजनाओं में अनिवार्य किए जाने से रोका नहीं जा सकता

FP Staff Updated On: Mar 27, 2017 04:07 PM IST

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सोशल वेलफेयर स्कीम के लिए आधार कार्ड जरूरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि सोशल वेलफेयर स्कीम के तहत लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं हैं. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जगदीश सिंह खेहर, जस्टिस डी.वाय. चंद्रचूड़ और जस्टिस संजय किशन कौल की सदस्यता वाली पीठ ने यह फैसला दिया.

सीनियर एडवोकेट श्याम दीवान ने सरकार द्वारा जारी किए गए विभिन्न आदेशों को चुनौती दी थी, जिनमें विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ उठाने के लिए आधार को अनिवार्य बताया गया.

कोर्ट ने कहा कि आधार को लेकर हमारा पिछला आदेश पूरी तरह से अपडेट था. साथ ही कोर्ट ने आधार संबंधी याचिका पर तुरंत सुनवाई से साफ इंकार कर दिया. इस मुद्दे पर समय के साथ सुनवाई की जाएगी.

कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार को 12 अंकों की इस पहचान संख्या को गैर-लाभकारी योजनाओं में अनिवार्य किए जाने से रोका नहीं जा सकता.

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जे. एस. खेहर ने कहा कि आधार जनहित स्कीम के लिए अनिवार्य नहीं है. लेकिन गैर-लाभकारी योजनाओं (जैसे बैंक खातों के खोलने या टैक्स रिटर्न करने से जोड़ने) के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.

केंद्र सरकार ने हाल ही में सरकार की करीब एक दर्जन योजनाओं के लाभार्थियों के लिए आधार को अनिवार्य करने का फैसला लिया है. इन योजनाओं में मिड-डे मील स्कीम भी शामिल थी. हालांकि, इस पर बाद में छूट देने का फैसला लिया गया.

कहां-कहां जरूरी होगा आधार

-अगर आपने मोबाइल नंबर को आधार से नहीं जोड़ा तो वो बंद हो जाएगा. एक साल के अंदर ये प्रक्रिया पूरी होनी है.

-सरकार के नए फरमान के मुताबिक सभी मौजूदा मोबाइल सब्सक्राइबर्स का वेरिफिकेशन किया जाएगा और ये वेरिफिकेशन आधार बेस्ड ई-केवाईसी के जरिए होगा.

-सभी सर्विस प्रोवाइडरों को विज्ञापन और एसएमएस से सब्सक्राइबर्स को जानकारी देनी होगी. 6 फरवरी 2018 तक वेरिफिकेशन का काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है.

-टेलीकॉम विभाग ने इस मुद्दे पर यूआईडीएआई, ट्राई और टेलीकॉम कंपनियों के साथ बैठक की है. टेलीकॉम विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के 6 फरवरी को दिए निर्देश के मुताबिक ये फैसला लिया है. बता दें कि टेलीकॉम कंपनियों को हर हफ्ते रि-वेरिफाइड सब्सक्राइबर्स की जानकारी अपडेट करनी होगी.

-पहले कंपनियां वेरिफिकेशन कोड को देखेंगी और ई-वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के तहत मोबाइल नंबर पर वेरिफिकेशन कोड भेजा जाएगा.

-ई-केवाईसी के लिए अलग से एप्लिकेशन फॉर्म होगा और एप्लिकेशन फॉर्म में आधार नंबर के अलावा डिटेल्स देने होंगे. ई-केवाईसी के बाद सब्सक्राइबर डाटाबेस में अपडेट करना होगा. एक से ज्यादा मोबाइल नंबर होने पर दोबारा वेरिफिकेशन करना होगा.

साभार: न्यूज़18 हिंदी 

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