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'छोटे कपड़ों, लिपस्टिक लगाने से निर्भया जैसे रेप का खतरा'

केंद्रीय विद्यालय की महिला टीचर ने छात्राओं को कहा, भड़काऊ कपड़े पहनना और लिपस्टिक लगाना निर्भया कांड जैसी घटना को बुलावा देना है. लड़कियों का रात को बाहर घूमना भी ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देता है

FP Staff Updated On: Jan 30, 2018 12:26 PM IST

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'छोटे कपड़ों, लिपस्टिक लगाने से निर्भया जैसे रेप का खतरा'

साल 2012 में पूरे देश को झकझोरकर रख देने वाले निर्भया कांड को उदाहरण बनाते हुए रायपुर की एक महिला टीचर ने विवादित बयान दिया है. रायपुर केंद्रीय विद्यालय की इस महिला टीचर ने छात्राओं को कहा, भड़काऊ कपड़े पहनना और लिपस्टिक लगाना निर्भया कांड जैसी घटना को बुलावा देना है'. टीचर ने कहा कि रात को लड़कियों का बाहर घूमना भी ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देता है.

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार बॉयलजी (जीव विज्ञान) पढ़ाने वाली टीचर ने भरे क्लासरूम में लड़कों के मौजूदगी में छात्राओं को आपत्तिजनक नसीहत दी.

छात्राओं ने अपने अभिभावकों को टीचर की दी गई विवादित नसीहत के बारे में बताया तो वो नाराज हो गए. अभिभावकों ने सोमवार को स्कूल पहुंचकर प्रिंसिपल भगवान दास अहीरे से आरोपी टीचर स्नेहा शंखवार की शिकायत की.

प्रिंसिपल ने माना कि छात्राओं ने उन्हें बिना नाम वाली चिट्ठी भेजकर इसकी शिकायत की थी. चिट्ठी में कहा गया है कि स्नेहा शंखवार क्लास में 'भड़काऊ कपड़ों और रात में बाहर घूमने' को लेकर बातें बोलती हैं जिससे छात्राएं असहज महसूस करती हैं. प्रिंसिपल ने कहा कि उन्हें यह किसी की शरारत लगी जिससे उन्हें इसे मजाक के तौर पर लिया.

नौवीं और दसवीं क्लास की छात्राओं ने काउंसलिंग सत्र के दौरान टीचर के दिए इस बयान को चुपके से रिकॉर्ड कर लिया. छात्राओं ने 'मानसिक उत्पीड़न' के इस ऑडियो रिकॉर्डिंग को अपनी शिकायत के सबूत के तौर पर पेश किया था.

स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा कि अभिवावकों की लिखित शिकायत दर्ज कराने के बाद वो इस मामले की जांच बैठाएंगे. उन्होंने केवी संगठन को भी मामले की जानकारी दी है.

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