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जावडेकर से छात्र की शिकायत: दलित हैं इसलिए सता रहा केंद्रीय विद्यालय

दलित छात्र का आरोप है कि जब से उसके पिता ने आरटीआई दाखिल की है तब से केंद्रीय विद्यालय परेशान कर रहा है

FP Staff Updated On: Apr 05, 2018 02:05 PM IST

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जावडेकर से छात्र की शिकायत: दलित हैं इसलिए सता रहा केंद्रीय विद्यालय

आंध्र प्रदेश के मोहन बाबू ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावडेकर को पत्र लिखकर स्कूल में अपने खिलाफ हो रहे भेदभाव को लेकर गुहार लगाई है. मोहन बाबू दलित हैं और 9वीं क्लास में पढ़ते हैं.

अनंतपुर जिले के गुंटी में केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाले मोहन बाबू ने कहा, स्कूल में उन्हें परेशान इसलिए किया जाता है क्योंकि साल 2013 में उनके पिता ने स्कूल में सिक्योरिटी गार्ड की जानकारी लेने के लिए एक आरटीआई दाखिल की थी. 3 अप्रैल को जावडेकर को लिखे अपने पत्र में बाबू ने कहा है कि उनके पिता केंद्रीय विद्यालय में काम करते हैं जिन्होंने अपने स्कूल में सिक्योरिटी गार्ड से जुड़ी जानकारी के लिए एक आरटीआई डाली थी. तब से स्कूल प्रशासन उनके परिवार को 'प्रताड़ित' कर रहा है.

andhra student letter

जावडेकर को लिखे पत्र में मोहन बाबू ने कहा, हमारे फिजिकल टीचर हमें पैरों पर मारते हैं. मेरे पिता ने इसे लेकर स्कूल से शिकायत की. उलटे स्कूल प्रशासन ने ट्रांसफर सर्टिफिकेट थमा दिया और कहीं और जाने की बात कही. ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि मेरे पिता ने एक आरटीआई दाखिल की है. दूसरी ओर केंद्रीय विद्यालय की प्रिंसिपल भारती देवी ने इन आरोपों से इनकार किया है.

प्रिंसिपल ने कहा, मैंने 2015 में ज्वाइन किया तब मुझे पता चला कि नागराज (मोहन बाबू के पिता) 2010 से अपने बच्चों के खिलाफ भेदभाव की शिकायत करते आ रहे हैं. यह सही नहीं है क्योंकि अबतक जो भी कार्रवाई की गई है वह केंद्रीय विद्यालय संगठन के नियमों के तहत है.

14 साल के मोहन बाबू पिछले 5 दिन से दिल्ली में हैं. उनके साथ उनके भाई श्रीनीवासुलु, उनके पिता नागराज और मां लक्ष्मी देवी भी हैं. दोनों बच्चे स्कूल यूनिफॉर्म में हैं. चूंकि बाबू को स्कूल ने फेल करार दिया है इसलिए उन्होंने वे अपना पिछला रिपोर्ट कार्ड भी साथ लाए हैं ताकि लोगों को रिकॉर्ड दिखा सकें. पूरा परिवार नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रात गुजारता है और जहां-तहां खाना खाता है. उनके साथ एक बैग भी है जिसमें वे सारे खत भरे हैं जो उन्होंने स्कूल और उससे जुड़े अधिकारियों को भेजे हैं.

बुधवार को इस परिवार ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री से मिलकर अपनी बात रखी और केंद्रीय विद्यालय को निर्देश देने का आग्रह किया. इनलोगों ने केंद्रीय न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले से भी मुलाकात की.

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