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अगले साल मार्च तक बनेंगे गांवों में 50 लाख मकान: केंद्र

इसमें लाभार्थियों के चयन के लिए सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया

Updated On: Nov 20, 2017 09:34 PM IST

Bhasha

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अगले साल मार्च तक बनेंगे गांवों में 50 लाख मकान: केंद्र

सरकार ने सोमवार को कहा कि देश भर के ग्रामीण इलाकों में एक केंद्रीय योजना के तहत अगले साल 31 मार्च तक 50 लाख से अधिक मकान बनाए जाएंगे. इसके जरिए गांवों में सामाजिक परिवर्तन लाया जा रहा है.

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा, ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 31 मार्च 2019 तक एक करोड़ नए मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है. इनमें 51 लाख मकानों को 31 मार्च 2018 तक पूरा किया जाना है.’

मंत्रालय ने कहा कि साल 2016 में यह योजना शुरू किए जाने के बाद लाभार्थियों के पंजीकरण की प्रक्रिया, जियो टैगिंग, खाते का सत्यापन आदि चीजें पूरी करने में कुछ महीने लगे. इसमें लाभार्थियों के चयन के लिए सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया. बेघर लोग और कच्ची छत के साथ एक कच्चा कमरा या दो कच्चे कमरों में रहने वाले लोग इस योजना के लाभार्थी हैं.

सीधे लाभार्थियों के खाते में जाएगा धन

मंत्रालय ने कहा कि इन मकानों को मौजूदा स्थानीय डिजाइन तकनीकों का अध्ययन करने के बाद सर्वश्रेष्ठ संस्थानों ने डिजाइन किया है और इन्हें लाभार्थियों की जरूरत के मुताबिक बनाया गया है. मकान के निर्माण के लिए भुगतान को सीधे लाभार्थियों के खाते में डाला जा रहा है.

इसने कहा, ‘गरीब सुरक्षित घर पा रहे हैं और शौचालय, एलपीजी कनेक्शन, बिजली कनेक्शन, पेयजल सुविधा जैसी सुविधाओं के साथ गरिमा के साथ रह सकते हैं.’

पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार रोकने के लिए केंद्र ने एक ऑनलाइन मंच बनाया है जहां कोई भी व्यक्ति मकानों के निर्माण को जियो टैग तस्वीरों और लाभार्थियों के पूरे ब्योरे और उन्हें किए गए भुगतान के साथ देख सकता है.

मंत्रालय ने यह फैसला भी किया कि आवास कार्यक्रम के प्रभाव को समझने के लिए सामाजिक परिवर्तन पर एक अध्ययन किया जाएगा.

इसके अलावा, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फिनांस एंड पॉलिसी पीएमएवाई (जी) के तहत शासन सुधारों और इस्पात और सीमेंट की अधिक मांगों के प्रभाव का अध्ययन करेगा.

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