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ईवीएम खरीदने के लिए 4,555 करोड़ रुपए की जरूरतः विधि आयोग

चुनाव आयोग को भेजी गई ड्राफ्ट रिपोर्ट में बताया गया है कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में 10 लाख 60 हजार पोलिंग स्टेशनों का गठन किया जाएगा

Updated On: Sep 03, 2018 04:51 PM IST

FP Staff

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ईवीएम खरीदने के लिए 4,555 करोड़ रुपए की जरूरतः विधि आयोग
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विधि आयोग का कहना है कि आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में इस्तेमाल होने वाले ईवीएम और पेपर ट्रेल मशीनों की खरीदारी के लिए करीब 4500 करोड़ रुपए की जरूरत है. चुनाव आयोग को भेजी गई ड्राफ्ट रिपोर्ट में बताया गया है कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में 10 लाख 60 हजार पोलिंग स्टेशनों का गठन किया जाएगा.

रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि चुनाव आयोग ने बाद में सूचना दी थी कि आने वाले चुनावों में 12.9 लाख बैलेट यूनिट्स, 9.4 लाख कंट्रोल यूनिट्स और करीब 12.3 लाख वीवीपीएटी (वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल मशीन्स अथवा पेपर ट्रेल मशीन्स) की कमी हो सकती है.

चुनाव आयोग के अनुसार ईवीएम जिसमें एक कंट्रोल यूनिट, एक बैलेट यूनिट और एक वीवीपीएटी शामिल होता है कि कीमत 33,200 रुपए है. ड्राफ्ट रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग ने ये बात सामने रख दी है कि ईवीएम की खरीद पर 4,555 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. एक ईवीएम की उम्र 15 साल होती है. इस बात को ध्यान में रखते हुए ही विधि आयोग ने कहा है कि मौजूदा दरों के अनुसार 2024 में होने वाले चुनावों में 1751.17 करोड़ और 2029 में होने वाले चुनावों में 2017.93 करोड़ रुपये खर्च कर ईवीएम मंगाए जाएंगे.

सिर्फ इतना ही नहीं 2034 में होने वाले चुनाव में 13,981.58 करोड़ रुपए ईवीएम पर खर्च किए जाएंगे. चुनाव आयोग ने बताया है कि ईवीएम पर होने वाले इस खर्चे को मौजूदो दरों के हिसाब से ही तय किया गया है. अगर लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होते तो फिर हर पोलिंग स्टेशन के लिए अतिरिक्त ईवीएम और स्टेशनरी सामानों के अलावा अलग से कोई खर्च नहीं होता. ड्राफ्ट रिपोर्ट के अनुसार बड़े पोलिंग स्टेशनों पर अतिरिक्त पोलिंग स्टाफ की भी जरूरत होती.

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