S M L

विश्व खाद्य दिवस: रोजाना करीब 43 हजार लोगों के हिस्से का अनाज बर्बाद हो रहा है

देश में रोजाना 20 करोड़ लोग भूखे सोते हैं, रोज 821 बच्चों की मौत पर्याप्त खाना न मिलने की वजह से हो जाती है

Updated On: Oct 16, 2018 04:09 PM IST

FP Staff

0
विश्व खाद्य दिवस: रोजाना करीब 43 हजार लोगों के हिस्से का अनाज बर्बाद हो रहा है
Loading...

आज विश्व खाद्य दिवस है. खाना जीवन जीने की एक बेसिक शर्त है. हर किसी को खाना चाहिए. लेकिन विडम्बना ये है कि आज 21वीं सदी में भी लाखों लोगों को दो वक्त का खाना नसीब हो रहा.

अपने देश में ही सरकारी लापरवाही की वजह से पिछले 10 सालों में सरकारी गोदामों में रखा 7.80 लाख क्विंटल अनाज सड़ गया. देश में रोजाना प्रति व्यक्ति अनाज की खपत करीब 500 ग्राम है. इसका मतलब है कि रोजाना औसतन करीब 43 हजार लोगों के हिस्से का अनाज बर्बाद हो रहा है.

हालांकि अगर यूपीए की मनमोहन सरकार के समय से तुलना करें तो मनमोहन सरकार के मुकाबले मोदी सरकार में 1.04 लाख क्विंटल अनाज सड़ने से बचा लिया गया. लेकिन फिर भी ये आंकड़े डराने वाले हैं.

हिन्दुस्तान के मुताबिक आंकड़ों के अनुसार, मनमोहन सरकार के 2009-14 के पांच साल में 4.42 लाख क्विंटल अनाज खराब हुआ. जबकि मोदी सरकार के कार्यकाल में 3.38 लाख क्विंटल अनाज सड़ गया.

देश में बड़े पैमाने पर अनाज भंडारण की व्यवस्था होने के बाद भी यह बर्बादी शर्मसार करने वाली है. अनाज बारिश में भींगने की वजह से सड़ जाते हैं. ज्यादातर गोदामों में कुप्रबंधन की वजह से अनाज भींगकर खराब हो रहे हैं.

2011-12 और 12-13 में क्रमश: 33,380 और 31,480 क्विंटल अनाज सड़ा. लेकिन 2013-14 में यह आंकड़ा 2,46,950 क्विंटल हो गया.

हर दिन 20 करोड़ लोग भूखे:

देश में हर दिन करीब 20 करोड़ लोग भूखे पेट सोते हैं. प्रतिदिन पर्याप्त खाना नहीं मिलने के कारण 821 बच्चे दम तोड़ देते हैं.

अनाज बर्बाद करने वाले टॉप 10 राज्य:

पश्चिम बंगाल: 1,54,810 क्विंटल महाराष्ट्र: 1,12,640 क्विंटल बिहार: 82,010 क्विंटल उड़ीसा: 72,780 क्विंटल जम्मू-कश्मीर: 61,310 क्विंटल आंध्र प्रदेश: 49,680 क्विंटल गुजरात: 46,290 क्विंटल उत्तराखंड: 34,580 क्विंटल पंजाब: 32,800 क्विंटल उत्तर प्रदेश: 26,490 क्विंटल

 

0
Loading...

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
फिल्म Bazaar और Kaashi का Filmy Postmortem

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi