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कश्मीर: 2018 में अब तक हो चुकी हैं 400 मौतें, 10 सालों का सबसे ऊंचा आंकड़ा

कश्मीर पुलिस, उनके परिवार वालों, स्थानीय लोगों और आतंकियों को मिलाकर इस साल घाटी में आतंकी हमलों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 400 मौतें हुई हैं

Updated On: Nov 24, 2018 05:15 PM IST

FP Staff

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कश्मीर: 2018 में अब तक हो चुकी हैं 400 मौतें, 10 सालों का सबसे ऊंचा आंकड़ा

साल 2018 ने घाटी में पिछले दस सालों में सबसे ज्यादा मौतें देखी हैं. इस साल अब तक घाटी में कुल 400 मौतें हो चुकी हैं. इतनी मौतें एक साल के अंदर पिछले 10 सालों में नहीं हुई थीं. 10 साल पहले 2008 में 505 लोगों की मौत हुई थी.

हफिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, कश्मीर पुलिस, उनके परिवार वालों, स्थानीय लोगों और आतंकियों को मिलाकर इस साल घाटी में आतंकी हमलों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 400 मौतें हुई हैं. इनमें से ज्यादातर आतंकी हैं.

शुक्रवार को अनंतनाग में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में छह आतंकियों को मार गिराया था. भारतीय सेना के प्रवक्ता राजेश कालिया ने बताया कि सेना को श्रीनगर से 50 किमी दक्षिण में स्थित शेखीपोरा गांव में आतंकियों के समूह के होने की खबर मिली थी, जिसके बाद सर्च ऑपरेशन लॉन्च किया गया था.

पुलिस ने बताया कि इस मुठभेड़ में पाकिस्तानी में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा का भी एक आतंकी मारा गया, जो राइजिंग कश्मीर के एडिटर सैयदशुजात बुखारी की जून में हुई हत्या में शामिल था.

पिछले कुछ वक्त में कश्मीर घाटी में छुपकर आतंक फैला रहे आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों ने कड़ी कार्रवाई का सहारा लिया है. साथ ही पाकिस्तान से घुसपैठियों के खिलाफ भी एक्शन लिया जा रहा है.

आतंकियों ने पिछले कुछ महीनों में कश्मीर पुलिस के जवानों और उनके परिवार वालों को निशाने पर लेना शुरू कर दिया है. इधर बीच नेताओं और पत्रकारों भी हमले हुए हैं.

ऐसी घटनाओं में पिछले एक दशक में सबसे कम मौतें 2012 में हुई थीं. उस वक्त बस 99 मौतें हुई थीं, लेकिन तबसे कश्मीर में अस्थिरता भी बढ़ी है और मौतें भी.

इस वक्त दक्षिणी कश्मीर सबसे ज्यादा आतंकवाद से पीड़ित है. यहां आतंकियों का इतना बोलबाला है कि यहां से लोगों को अपहृत कर लिया जा रहा है और उनकी हत्या कर दी जा रही है. यहां आतंकियों ने छह लोगों को किडनैप कर लिया था. उन्होंने चार को तो छोड़ दिया था, लेकिन दो की इसलिए बेदर्द तरीके से हत्या कर दी थी क्योंकि उन्हें उन पर भारतीय सेना के मुखबिर होने का शक था.

दक्षिण कश्मीर में आतंकियों ने हाल ही में हुए पंचायत चुनाव में वोटिंग बहिष्कार करने की धमकी दी थी.

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